‘आदिवासियों के योगदान को मिटाने की कोशिश की गई’, बिहार के जमुई में बोले प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के जमुई में एक महत्वपूर्ण जनसभा को संबोधित करते हुए आदिवासियों के योगदान को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के योगदान को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया और उनके इतिहास को मिटाने की कोशिश की गई। पीएम मोदी ने यह बयान जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर दिया, जब पूरे देश में आदिवासी समुदाय की महानता और उनके संघर्ष को सम्मानित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का बयान:
प्रधानमंत्री मोदी ने जमुई में अपनी जनसभा में आदिवासी समाज के योगदान को सराहते हुए कहा, “हमारे आदिवासी भाई-बहनों के योगदान को लगातार दबाने और मिटाने की कोशिश की गई। लेकिन आज का भारत उनके संघर्ष और बलिदान को याद कर रहा है। हम उनकी असली पहचान को लेकर गर्व महसूस करते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी समुदाय ने भारत के समृद्ध इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उनका योगदान न केवल भारतीय समाज के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए अमूल्य है। प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया कि आदिवासी समाज को उनके अधिकारों और सम्मान के लिए लड़ाई जारी रखी जाएगी।
आदिवासी समुदाय के संघर्ष को सलाम:
- पीएम मोदी ने महात्मा गांधी और सांतिकारी नेताओं की याद करते हुए कहा कि आदिवासी समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से सिद्धू-कानू, भगत सिंह, और रानी दुर्गावती जैसी आदिवासी महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- उन्होंने कहा कि “आदिवासी समाज के योगदान को भारतीय इतिहास से निकाल दिया गया था, लेकिन अब हम उन नायकों और वीरों के योगदान को देश के दिलो-दिमाग में जीवित रखेंगे।”
जनजातीय गौरव दिवस पर पीएम मोदी का संदेश:
- राष्ट्रीय पहचान: प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर आदिवासी समाज की संस्कृति, उनके संघर्ष और उनके द्वारा किए गए महान कार्यों को सम्मानित करने की बात की।
- सरकार की पहल: उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार आदिवासी समुदाय के लिए कई योजनाएं लेकर आई है, ताकि उनका जीवन स्तर ऊँचा उठे और उनकी संस्कृति को संरक्षित किया जा सके।
- समानता का अधिकार: पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आदिवासी समाज को समान अधिकार और अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे भी देश की मुख्यधारा में सम्मिलित हो सकें और अपने सामर्थ्य को पूरे देश के सामने ला सकें।
राजनीतिक दृष्टिकोण:
प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आदिवासी समुदाय बिहार और अन्य राज्यों में एक महत्वपूर्ण वोट बैंक है। बिहार में जहां महागठबंधन और विपक्षी दलों के साथ चुनावी मुकाबला जारी है, वहीं पीएम मोदी का यह बयान बीजेपी की आदिवासी नीति को मजबूत करने के रूप में देखा जा रहा है।
