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जस्टिन ट्रूडो की नई हरकत: भारतीय दूतावास के कार्यक्रमों को सुरक्षा देने से किया मना, कई शिविरों को करना पड़ा रद

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक नई हरकत करते हुए भारतीय दूतावास के कार्यक्रमों को सुरक्षा देने से मना कर दिया है, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण शिविर और कार्यक्रम रद कर दिए गए हैं। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच रिश्तों में बढ़ते तनाव को और बढ़ा सकता है, क्योंकि यह कदम भारतीय अधिकारियों के लिए चिंता का कारण बन गया है।

क्या है मामला?

कनाडा सरकार ने भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित कुछ सांस्कृतिक और आधिकारिक कार्यक्रमों को सुरक्षा प्रदान करने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि ट्रूडो सरकार ने इस फैसले के पीछे कुछ सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है, लेकिन भारतीय पक्ष इसे राजनीतिक कारणों से जोड़कर देख रहा है। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने इस कदम पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह एक असामान्य और अप्रत्याशित कदम है, जो द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

कई शिविरों को रद करना पड़ा

कनाडा में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित किए जाने वाले कुछ बड़े आयोजन, जिनमें सांस्कृतिक उत्सव, शिविर, और समारोह शामिल थे, सुरक्षा मुहैया न होने के कारण रद कर दिए गए हैं। इन आयोजनों में भारतीय समुदाय के हजारों लोग शामिल होने वाले थे, और अब इन कार्यक्रमों को स्थगित या रद्द करना पड़ा है। इससे भारतीय समुदाय में भी नाराजगी देखने को मिल रही है, क्योंकि यह आयोजनों की रद्दीकरण का फैसला उनके उत्साह को ठंडा कर सकता है।

भारतीय प्रतिक्रिया

भारत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कदम कनाडा की अंतरराष्ट्रीय नीति में असहमति और भारतीय मामलों में हस्तक्षेप के रूप में देखा जा सकता है। भारतीय दूतावास ने इस फैसले को लेकर कनाडा के अधिकारियों से संपर्क किया और इस मुद्दे को जल्द सुलझाने की अपील की है।

कनाडा की स्थिति

कनाडा सरकार ने इस फैसले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह सुरक्षा कारणों से लिया गया निर्णय है। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इस फैसले का ताल्लुक कनाडा में बढ़ते खालिस्तान समर्थक आंदोलन से हो सकता है, जो भारतीय दूतावास के कार्यक्रमों में समस्या पैदा कर सकता है।

भारत-कनाडा रिश्तों में तनाव

हाल के महीनों में भारत और कनाडा के बीच संबंधों में तनाव बढ़ा है, विशेष रूप से खालिस्तान आंदोलन को लेकर। कनाडा में भारतीय समुदाय का एक बड़ा हिस्सा है, लेकिन खालिस्तानी संगठनों की बढ़ती गतिविधियों के कारण दोनों देशों के रिश्तों में खटास आई है। इस घटनाक्रम के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत और मध्यस्थता की आवश्यकता हो सकती है।

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