रतन टाटा को आखिरी विदाई देने उमड़ा जनसैलाब, अंतिम संस्कार से पहले पढ़ा जाएगा ‘गेह-सारनू’ और ‘अहनावेति’
भारत के सबसे प्रतिष्ठित उद्योगपति और दानवीर रतन टाटा का निधन हो गया, और उनके निधन की खबर सुनते ही देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। मुंबई में उनके अंतिम संस्कार के लिए हजारों लोग एकत्रित हो गए हैं। जनसैलाब में देश के बड़े राजनेताओं, उद्योगपतियों और समाजसेवियों के अलावा आम जनता भी शामिल है, जो इस महान व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि देने पहुंची है।
रतन टाटा की सरलता और दयालुता को हमेशा किया जाएगा याद
रतन टाटा को उनके जीवनभर की उदारता, विनम्रता और निस्वार्थ सेवाओं के लिए याद किया जाएगा। उनकी शख्सियत न केवल व्यापार जगत के लिए प्रेरणादायक थी, बल्कि समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए भी वे हमेशा एक मसीहा साबित हुए। चाहे टाटा समूह के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की बात हो, या व्यक्तिगत रूप से लोगों की मदद करने की, रतन टाटा ने हमेशा मानवता को प्राथमिकता दी।
अंतिम संस्कार से पहले पारसी रिवाजों का पालन
रतन टाटा के अंतिम संस्कार से पहले पारसी धर्म के अनुसार कुछ विशेष रिवाजों का पालन किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से ‘गेह-सारनू’ और ‘अहनावेति’ नामक धार्मिक अनुष्ठान शामिल हैं।
गेह-सारनू:
यह एक महत्वपूर्ण पारसी प्रार्थना है, जिसे अंतिम संस्कार से पहले पढ़ा जाता है। इस प्रार्थना के माध्यम से दिवंगत आत्मा की शांति और स्वर्ग में उसकी यात्रा को सुगम बनाने की प्रार्थना की जाती है। ‘गेह-सारनू’ के दौरान पारिवारिक सदस्य और करीबी लोग दिवंगत के लिए प्रार्थना करते हैं और उसे अंतिम विदाई देते हैं।
अहनावेति:
यह भी एक पारसी अनुष्ठान है, जिसमें विशेष मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। इस प्रक्रिया में अग्नि की पूजा की जाती है, जिसे पारसी धर्म में पवित्र माना जाता है। रतन टाटा के अंतिम संस्कार में इस धार्मिक प्रक्रिया का पालन किया जाएगा, ताकि उनकी आत्मा को शांति प्राप्त हो और वे ईश्वर के चरणों में स्थान पा सकें।
जनसैलाब उमड़ा अंतिम विदाई के लिए
रतन टाटा को श्रद्धांजलि देने के लिए देश के कोने-कोने से लोग मुंबई पहुंचे हैं। व्यापारिक जगत की कई हस्तियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आम जनता भी इस जनसैलाब का हिस्सा बनी है। टाटा परिवार ने इस मौके पर सभी से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की है, ताकि रतन टाटा की अंतिम यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
देशभर में शोक की लहर
रतन टाटा के निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उद्योग जगत की बड़ी हस्तियां, और बॉलीवुड से लेकर खेल जगत तक, हर कोई इस महान व्यक्ति के निधन पर शोक व्यक्त कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी श्रद्धांजलियों का तांता लगा हुआ है, जहां लोग उनके योगदान और विनम्र स्वभाव को याद कर रहे हैं।
