अमित शाह का बयान: फारूक अब्दुल्ला पर आरोप, आतंकवाद को जम्मू-कश्मीर में लाने का आरोप
गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में एक बयान में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि फारूक ने 90 के दशक में आतंकवाद को जम्मू-कश्मीर में लाया और इस दौरान यहां के स्थानीय नेता पाकिस्तान से डरते थे।
प्रमुख बिंदु:
- फारूक अब्दुल्ला का आरोप:
- अमित शाह ने फारूक अब्दुल्ला पर आरोप लगाया कि उन्होंने आतंकवाद को बढ़ावा दिया और इससे जम्मू-कश्मीर की स्थिति और खराब हुई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय नेताओं का पाकिस्तान के प्रति झुकाव आतंकवाद को बढ़ावा देने में सहायक रहा।
- पाकिस्तान के प्रति डर:
- शाह ने कहा कि 90 के दशक में जम्मू-कश्मीर के नेता पाकिस्तान के प्रति डरपोक थे, जो क्षेत्र में अस्थिरता का कारण बना। उनका ये बयान उस समय की राजनीतिक स्थिति को उजागर करता है जब आतंकवाद की लहर ने राज्य को प्रभावित किया।
- मोदी का कड़ा संदेश:
- अमित शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीति आतंकवाद के खिलाफ सख्त है। उन्होंने कहा कि “मोदी गोली का जवाब गोले से देंगे,” जो यह संकेत देता है कि केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
- आतंकवाद के खिलाफ नीति:
- शाह ने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में कोई समझौता नहीं करेगा और आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- राजनीतिक प्रतिक्रिया:
- शाह के इस बयान ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा किया है। स्थानीय नेताओं और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया इस मुद्दे पर काफी महत्वपूर्ण होगी।
