ट्रंप के जीतते ही बदले चीन के सुर! पहले बधाई दी… अब सरकारी मीडिया ने बड़ी बात कह दी
डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका राष्ट्रपति पद पर जीतने के बाद चीन ने अपना सुर बदल लिया है। पहले जहां चीनी अधिकारियों ने ट्रंप को बधाई दी थी, अब सरकारी मीडिया ने उन पर कुछ तीखी टिप्पणी करते हुए महत्वपूर्ण बयान दिया है। चीन का कहना है कि ट्रंप की जीत से अमेरिका में ‘अस्तित्वगत’ खतरे को लेकर चीन को सतर्क रहना होगा।
चीन की बधाई और फिर तीखी प्रतिक्रिया
चीन के सरकारी मीडिया संगठन ग्लोबल टाइम्स ने एक लेख में लिखा कि डोनाल्ड ट्रंप की जीत ने अमेरिका के आंतरिक मामलों को एक नया मोड़ दिया है। इस पत्रिका का दावा है कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका-चीन संबंध अब पहले से ज्यादा तनावपूर्ण हो सकते हैं। लेख में यह भी कहा गया कि चीन को अपनी सुरक्षा और कूटनीतिक रणनीतियों को नई वास्तविकता के अनुसार अपडेट करने की जरूरत है।
चीन का ध्यान सुरक्षा पर
चीन ने विशेष रूप से यह कहा कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका में चीन के खिलाफ सख्त नीतियां बनाई जा सकती हैं। ग्लोबल टाइम्स ने यह भी लिखा कि अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के दौरान सामरिक दबाव और सैन्य क्षेत्र में तनाव जैसी स्थितियां और बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही, चीन ने यह संकेत भी दिया कि अमेरिका अब नए दबाव बनाने की योजना बना सकता है, विशेषकर ताइवान, हांगकांग और साउथ चाइना सी के मुद्दे पर।
भारत के लिए भी संदेश
चीन ने ट्रंप की जीत पर अब भारत के लिए भी एक तंज कसा है। सरकारी मीडिया में प्रकाशित एक लेख में कहा गया कि ट्रंप के लिए भारत का महत्व अब अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों के नजरिए से ज्यादा बढ़ सकता है, जिससे चीन-भारत-भारत-अमेरिका त्रिकोण में बढ़े हुए तनाव की संभावना है।
ट्रंप की चीन नीति
ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान, अमेरिका ने चीन के खिलाफ व्यापारिक प्रतिबंध लगाए थे और टैरिफ बढ़ाए थे, जिससे चीन की आर्थिक स्थिति पर दबाव पड़ा था। ट्रंप ने चीन को एक कड़ी प्रतिस्पर्धा के रूप में देखा और उनके प्रशासन ने चीन के खिलाफ कड़ी नीतियों को अपनाया। यह नीति उनकी दूसरी बार राष्ट्रपति बनने की स्थिति में भी बरकरार रहने की संभावना है, जिससे अमेरिका-चीन रिश्तों में और भी तनाव आ सकता है।
अंतिम विचार
ट्रंप के जीतने के बाद से चीन ने अपनी प्रतिक्रिया को लेकर सतर्कता दिखाना शुरू कर दिया है, हालांकि शुरुआत में बधाई के संदेश थे, लेकिन अब उनके सुर बदल गए हैं। चीन के सरकारी मीडिया द्वारा दी गई प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि चीन भविष्य में अमेरिकी नीतियों के प्रति और अधिक चौकस और सतर्क रहेगा। ट्रंप की दूसरी बार राष्ट्रपति बनने की संभावना के साथ, अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों में और अधिक गतिरोध की संभावना जताई जा रही है।
