‘हमारे मामले में दखल ना दें..’, गौतम गंभीर ने तीखा जवाब देकर कर दी रिकी पोंटिंग की बोलती बंद; आखिर था क्या माजरा?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट मैदान पर हमेशा ही प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है, लेकिन इस बार मैदान से बाहर भी कुछ गरमागरम बयान सामने आए हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग के बीच कुछ तीखी नोकझोक देखने को मिली। मामला एक मैच के दौरान बढ़ते विवाद और दोनों की व्यक्तिगत टिप्पणियों से जुड़ा था।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, हाल ही में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के एक मुकाबले में गौतम गंभीर और रिकी पोंटिंग के बीच तीखी बहस हुई। पोंटिंग ने एक मैच के दौरान गौतम गंभीर के आक्रमक खेल और टीम की रणनीति पर टिप्पणी की, जिसे गंभीर ने पसंद नहीं किया। पोंटिंग ने गंभीर के खेल को लेकर कुछ सुझाव दिए थे और टीम की रणनीति पर सवाल उठाए थे। यह टिप्पणियां गंभीर को बिल्कुल भी भा नहीं आईं और उन्होंने पोंटिंग को करारा जवाब देते हुए कहा, “हमारे मामले में दखल ना दें, यह हमारा तरीका है और हम इसे अपनी शर्तों पर खेलते हैं।”
गंभीर ने पोंटिंग को यह स्पष्ट रूप से बता दिया कि वह अपनी टीम के मामलों में किसी बाहरी दखल को पसंद नहीं करते, खासकर तब जब वह अपने खेल और रणनीतियों के बारे में खुद फैसला लेते हैं।
गौतम गंभीर का तीखा जवाब:
गंभीर ने कहा, “रिकी पोंटिंग जैसे महान खिलाड़ी को इस तरह की बातों से बचना चाहिए। हम अपनी टीम के मामलों में किसी का हस्तक्षेप नहीं चाहते। यह हमारा तरीका है, और हम इसे अपना तरीके से खेलते हैं। अगर किसी को परेशानी है, तो उसे अपनी टीम के अंदर रहकर समाधान तलाशना चाहिए।”
गंभीर का यह बयान पोंटिंग के लिए एक सीधा और सख्त जवाब था, जो कि क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया। दोनों खिलाड़ियों के बीच इस तरह की खुली नोकझोक से साफ हो गया कि गौतम गंभीर अपनी टीम के मामलों में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करते।
रिकी पोंटिंग का क्या था प्रतिक्रिया?
हालांकि, पोंटिंग ने गंभीर के जवाब पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन उनके समर्थकों का कहना था कि पोंटिंग का उद्देश्य केवल सुझाव देना था। पोंटिंग का कहना था कि उनका इरादा गंभीर को चोट पहुंचाना नहीं था, बल्कि उनका उद्देश्य केवल मैच और टीम के प्रदर्शन में सुधार लाना था।
