10 साल इंतजार किया, फिर भी पैर जमीन पर रहेंगे.. संजू सैमसन शतक के बाद हो गए भावुक, छलका दर्द
भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने हाल ही में एक शानदार शतक जड़कर अपनी बल्लेबाजी की ताकत साबित की, लेकिन इस उपलब्धि के साथ-साथ उनके दिल में एक गहरा दर्द भी था, जिसे उन्होंने बयां किया। यह शतक सिर्फ एक शानदार प्रदर्शन नहीं था, बल्कि उनके 10 साल के लंबे संघर्ष और इंतजार की कहानी भी है।
संजू सैमसन ने 10 साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था, लेकिन उनके लिए यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। सैमसन को भारतीय टीम में अपनी जगह बनाने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ा। जब-जब उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया, तब-तब किसी और खिलाड़ी के प्रदर्शन के कारण उन्हें मौका नहीं मिल पाया। यह उनके लिए एक निरंतर मानसिक दबाव और असुरक्षा का कारण बन गया।
हाल ही में एक वनडे मैच में संजू ने शानदार शतक बनाया, जिससे उन्होंने अपनी क्षमता को फिर से साबित किया। लेकिन शतक के बाद जब वह ड्रेसिंग रूम में पहुंचे, तो उनके चेहरे पर खुशी के साथ-साथ गहरे दर्द के संकेत भी थे। शतक के बाद संजू ने कहा, “यह शतक मेरे लिए बहुत खास है, क्योंकि मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है। लेकिन मुझे पता है कि मेरी जगह टीम में स्थिर नहीं है, और मुझे यह बहुत अच्छे से समझ में आता है। 10 साल से मैं इंतजार कर रहा हूं, और मेरे लिए यह एक लंबा रास्ता रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरे पैर हमेशा जमीन पर रहेंगे, क्योंकि मैंने क्रिकेट के प्रति अपनी मेहनत और समर्पण को कभी कम नहीं होने दिया। लेकिन मैंने महसूस किया है कि कभी-कभी सफलता और असफलता, दोनों ही आपको खुद को साबित करने का मौका देती हैं।”
संजू सैमसन ने यह भी कहा कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी जगह के लिए हमेशा संघर्ष किया है और उनकी यही मेहनत उन्हें आगे बढ़ने में मदद करती है। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि इस शतक के बाद भी उनका संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। वह जानते हैं कि टीम में एक स्थाई जगह पाने के लिए उन्हें और भी बहुत कुछ करना होगा।
संजू ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन टीम में स्थिरता न होने के कारण उन्हें निरंतर दबाव झेलना पड़ा। फिर भी, उन्होंने अपनी मेहनत को कभी कम नहीं होने दिया और खुद को साबित करने का पूरा प्रयास किया।
यह शतक संजू सैमसन के लिए सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उनकी कठिनाईयों, संघर्ष और लगातार मेहनत का प्रतीक भी है। वह जानते हैं कि इस खेल में बहुत कुछ हासिल करने के लिए और भी समय लगेगा, लेकिन उनके हौसले में कोई कमी नहीं आई है।
