योग टीचर शरद जोइस का हाइकिंग के दौरान हार्ट अटैक से निधन, जानें हाइकिंग का दिल पर कैसे पड़ता है असर
मशहूर योग शिक्षक शरद जोइस का हाइकिंग के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। शरद जोइस, जो योग और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए जाने जाते थे, एक हाइकिंग ट्रिप पर थे जब उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया। इस घटना ने फिटनेस से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर इस बात को लेकर कि क्या अधिक शारीरिक श्रम से दिल पर असर पड़ सकता है।
कैसे होता है हाइकिंग का दिल पर असर?
हाइकिंग एक ऊर्जावान और थका देने वाली शारीरिक गतिविधि है, जो खासकर उन लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है जिन्हें पहले से दिल की समस्याएं हैं या जो अधिक मेहनत की आदत नहीं रखते। हाइकिंग करते समय शरीर की ऑक्सीजन की मांग बढ़ जाती है, जिससे हृदय पर अधिक दबाव पड़ता है। यदि दिल मजबूत नहीं होता या शरीर तैयार नहीं होता, तो हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है।
हाई-इंटेंसिटी एक्टिविटी और दिल की सुरक्षा
हाइकिंग या अन्य हाई-इंटेंसिटी एक्टिविटी करने से पहले हृदय की जांच और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार एक्सरसाइज करना महत्वपूर्ण है। जो लोग नियमित रूप से ऐसी गतिविधियों में शामिल होते हैं, उन्हें भी यह समझना चाहिए कि अत्यधिक थकान या ऑक्सीजन की कमी हृदय को प्रभावित कर सकती है।
योग और फिटनेस के प्रति शरद जोइस का योगदान
शरद जोइस योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते थे। उनका मानना था कि योग मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने का प्रभावी तरीका है। उनकी मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि फिटनेस का अर्थ केवल शारीरिक मजबूती नहीं, बल्कि सही संतुलन है।
दिल की सेहत का ध्यान कैसे रखें?
- रेगुलर चेकअप: सालाना हार्ट चेकअप करवाना चाहिए, खासकर अगर उम्र 40 साल से ज्यादा हो।
- व्यायाम का सही संतुलन: जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने से बचें। अपनी सीमा का आकलन करें और उसी हिसाब से वर्कआउट करें।
- स्ट्रेस को कम करें: स्ट्रेस दिल पर असर डाल सकता है। रोजाना मेडिटेशन और गहरी सांसें लेने की आदत डालें।
