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महाकुंभ 2025: नेपाल से साधु-संतों का जत्था प्रयागराज के लिए रवाना, आस्था का महासंगम

प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ 2025 को लेकर भारत ही नहीं, पड़ोसी देश नेपाल में भी उत्साह चरम पर है। नेपाल के काठमांडू से साधु-संतों और श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था सोनौली बॉर्डर के जरिए प्रयागराज के लिए रवाना हो रहा है। इस दौरान राम जानकी मंदिर में इन साधु-संतों का भव्य स्वागत किया गया। मंदिर परिसर में साधु-संतों को भगवान की भक्ति में लीन होकर कीर्तन करते देखा गया।

महाकुंभ को लेकर साधु-संतों में उत्साह

नेपाल के स्वामी नारायण आचार्य ने बताया, “मैं काठमांडू का रहने वाला हूं और प्रयागराज में महाकुंभ के शाही स्नान में भाग लेने जा रहा हूं। सोनौली बॉर्डर पर हमारा भव्य स्वागत हुआ। हमारे जत्थे में जो लोग हैं, वे महाकुंभ को लेकर बेहद उत्साहित हैं। हम करीब एक महीने तक प्रयागराज में रुकेंगे और देश के कोने-कोने से आए साधु-संतों के दर्शन करेंगे।” उन्होंने सभी भक्तों से भी अपील की कि वे इस पवित्र आयोजन में भाग लें और पुण्य अर्जित करें।

महंत बाबा शिव नारायण दास कर रहे हैं साधु-संतों का स्वागत

नेपाल से आ रहे साधु-संतों के जत्थे का स्वागत करने वाले महंत बाबा शिव नारायण दास ने कहा, “हर दिन करीब 60 से 70 साधु-संत यहां आते हैं। हम उनकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ते। उनके लिए खाने और सोने की पूरी व्यवस्था की जाती है। उनके स्वागत के बाद उन्हें विदा किया जाता है। बड़ी संख्या में लोग आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज जा रहे हैं।”

144 साल बाद महाकुंभ के लिए विशेष संयोग

महाकुंभ 2025 का आयोजन विशेष संयोग के साथ हो रहा है। यह अवसर 144 साल बाद आया है, जिससे इसे लेकर श्रद्धालुओं और साधु-संतों में खासा उत्साह है। अलग-अलग वेशभूषा में साधु-संत और महात्मा कुंभ के रंग में रंगे हुए नजर आ रहे हैं। कोई महंत बड़ी वीआईपी गाड़ी से आ रहा है तो कोई पैदल यात्रा कर रहा है।

विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज में आ रहे हैं। महाकुंभ का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक एकता को भी प्रदर्शित करता है।

महाकुंभ 2025 का आयोजन आस्था और आध्यात्मिकता का महासंगम है। नेपाल से साधु-संतों और श्रद्धालुओं का जत्था प्रयागराज के लिए रवाना हो चुका है। इस आयोजन में शामिल होकर वे शाही स्नान का पुण्य प्राप्त करेंगे। महाकुंभ का यह अद्भुत अनुभव दुनिया भर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

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