भारत बनेगा आर्थिक विकास का वैश्विक केंद्र: विश्व बैंक और IMF की रिपोर्ट में बड़ा दावा
“भारत आने वाले दो वित्तीय वर्षों (2025-26 और 2026-27) तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। विश्व बैंक की ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स (GEP) रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की विकास दर 6.7% रहने की संभावना है, जो वैश्विक औसत 2.7% से कहीं अधिक है। यह रिपोर्ट भारत की आर्थिक मजबूती और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में बढ़ती भूमिका को उजागर करती है“।
भारत की वृद्धि के पीछे प्रमुख कारण
1. सेवा और विनिर्माण क्षेत्र का विकास
- सेवा क्षेत्र की मजबूती और विनिर्माण क्षेत्र में सुधार भारत की विकास दर को बढ़ा रहे हैं।
- उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (PLI) योजनाएं और सरकार की औद्योगिक नीतियां घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित कर रही हैं।
2. मजबूत सरकारी नीतियां
- पीएम गति शक्ति योजना और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण जैसे कदम विकास को तेज कर रहे हैं।
- टैक्स सुधारों और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने से आर्थिक स्थिरता बनी हुई है।
3. निजी उपभोग में वृद्धि
- मजबूत श्रम बाजार, आसान ऋण उपलब्धता, और कम मुद्रास्फीति निजी उपभोग को बढ़ावा दे रहे हैं।
- यह न केवल घरेलू मांग को मजबूत करता है, बल्कि अर्थव्यवस्था को स्थिरता भी प्रदान करता है।
भारत बनाम चीन: वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत आगे
रिपोर्ट के अनुसार, चीन की विकास दर 2025 में 4% तक धीमी पड़ने की संभावना है, जबकि भारत 6.7% की दर से बढ़ेगा। यह दिखाता है कि भारत न केवल अपनी आंतरिक चुनौतियों को पार कर रहा है, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी अग्रणी बन रहा है।
IMF और विश्व बैंक का समर्थन
हाल ही में जारी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट ने भी भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति की पुष्टि की है।
- IMF ने भारत की विकास दर को 2025-26 और 2026-27 के लिए 6.5% रहने का अनुमान जताया है।
- दोनों रिपोर्टें भारत के स्थिर और मजबूत आर्थिक प्रदर्शन को दर्शाती हैं।
सरकार की योजनाओं का योगदान
1. पीएम गति शक्ति योजना
- बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण और नए रोजगार के अवसर।
2. स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया
- नवाचार और डिजिटल क्रांति को प्रोत्साहन।
3. उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (PLI)
- विनिर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश और विकास।
निवेश और उपभोग में वृद्धि
भारत में निजी निवेश और उपभोग बढ़ने की उम्मीद है।
- बेहतर कॉर्पोरेट बैलेंस शीट, अनुकूल वित्तीय स्थितियां, और घरेलू बाजार में बढ़ती मांग विकास को गति देंगे।
- अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का मानना है कि भारत वैश्विक आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। मजबूत सरकारी नीतियां, निजी क्षेत्र का योगदान और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त भारत को आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में ले जा रही है।
