डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के पहले दिन: बड़े फैसलों की तैयारी
“डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। उन्होंने पहले दिन ही बड़े फैसले लेने का संकल्प लिया है, जो उनके चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में पहला कदम होगा। ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर पूरी दुनिया की नजरें हैं, खासकर इमिग्रेशन, ऊर्जा नीति और व्यापार जैसे मुद्दों पर।“
100 कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर की योजना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप अपने कार्यकाल के पहले दिन लगभग 100 कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करने की योजना बना रहे हैं। इनमें कई आदेश बाइडेन प्रशासन द्वारा लागू नीतियों को उलटने से संबंधित होंगे।
स्टीफन मिलर, जो ट्रंप प्रशासन में डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ फॉर पॉलिसी का पद संभालेंगे, ने वरिष्ठ रिपब्लिकन नेताओं के साथ इन प्रस्तावित नीतियों पर चर्चा की।
अवैध इमिग्रेशन पर सख्ती
ट्रंप प्रशासन ने अवैध इमिग्रेशन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की योजना बनाई है। उन्होंने अमेरिका की सीमाओं पर राष्ट्रीय आपातकाल लागू करने और देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों को निकालने के लिए अब तक का सबसे बड़ा निर्वासन अभियान शुरू करने का वादा किया है। साथ ही, ट्रंप ‘मेक्सिको में रहें’ नीति को बहाल करने का निर्देश देंगे।
व्यापार और टैरिफ नीति
ट्रंप ने कहा है कि वे मेक्सिको और कनाडा से आयातित सभी वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाएंगे। इसके अलावा, चीन से आयातित सामानों पर पहले से लागू शुल्कों में 10% की वृद्धि करने की योजना है। यह नीति उनके व्यापारिक वादों का हिस्सा है और इसे कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
ड्रग कार्टेल्स पर कार्रवाई
ट्रंप प्रशासन ड्रग कार्टेल्स को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने की योजना बना रहा है। उनका उद्देश्य इन कार्टेल्स पर कड़ी कार्रवाई करना और अमेरिका में ड्रग्स की समस्या को कम करना है।
पहले दिन का एजेंडा
ट्रंप ने अपने समर्थकों और दानदाताओं को संबोधित करते हुए कहा, “पदभार ग्रहण करने के कुछ ही घंटों के भीतर, मैं दर्जनों कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करूंगा। इनमें से कई आदेश बाइडेन प्रशासन की नीतियों को रद्द करेंगे।”
नए प्रशासन से उम्मीदें
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद, उनके कार्यों पर कानूनी और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का आना तय है। हालांकि, उनके फैसले अमेरिका की नीतियों पर दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं।
