प्रयागराज महाकुंभ जाने वाली भीड़ में भगदड़, 15 श्रद्धालुओं की मौत, रेलवे ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
“शनिवार और रविवार की छुट्टी के चलते प्रयागराज महाकुंभ में स्नान करने जा रहे हजारों श्रद्धालु रेलवे स्टेशन पर उमड़ पड़े, जिससे भारी अफरा-तफरी मच गई। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त प्रशासनिक व्यवस्था न होने से भगदड़ मच गई, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई।“
लोकनायक अस्पताल की आपातकालीन विभाग प्रमुख डॉ. ऋतु सक्सेना ने बताया कि हादसे में 11 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं। दो लोगों की मौत लेडी हार्डिंग अस्पताल में हुई है।
रेलवे ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर राहत कार्य में जुट गई है।
रेलवे स्टेशन पर कैसे मची भगदड़?
रेलवे और दमकल विभाग के अधिकारियों ने भगदड़ के कारणों को लेकर कई अहम जानकारियां दी हैं—
भीड़ अचानक प्लेटफॉर्म बदलने लगी – प्रयागराज जाने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म 12 से रवाना हुई, जिससे भीड़ प्लेटफॉर्म 14-15 की ओर उमड़ पड़ी।
स्टेशन पर अधिक भीड़ से अव्यवस्था – प्रयागराज के लिए ज्यादातर ट्रेनें इसी प्लेटफॉर्म से रवाना हो रही थीं, जिससे भीड़ संभालना मुश्किल हो गया।
ओवरब्रिज और एस्केलेटर पर दबाव – अचानक भगदड़ मचने से श्रद्धालु ओवरब्रिज और सीढ़ियों की ओर भागे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
ट्रेन देरी से चलने के कारण समस्या बढ़ी – स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस देरी से चल रही थीं, जिससे यात्रियों की भीड़ प्लेटफॉर्म 12-13 और 14 पर अधिक हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती
बिहार के राजकुमार माझी – “हम नवादा जा रहे थे। मेरी पत्नी शांति देवी और बेटी पूजा की भगदड़ में मौत हो गई। बेटा अब तक लापता है।”
पटना के पप्पू – “मैंने हादसे में अपनी मां को खो दिया। इतनी भीड़ में कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या करें।”
रेलवे सूत्रों के मुताबिक – “हर घंटे 1500 टिकट बेचे जा रहे थे। उम्मीद से ज्यादा भीड़ हो गई थी, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई।”
रेलवे और सरकार की प्रतिक्रिया
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे पर शोक जताते हुए कहा—
“हमारी पूरी टीम प्रभावितों की मदद में जुटी है। उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।”
दमकल विभाग निदेशक अतुल गर्ग ने बताया—
“शनिवार रात 9:55 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 14-15 पर भगदड़ की सूचना मिली। राहत कार्य के लिए चार दमकल गाड़ियां भेजी गईं।”
रेलवे पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने कहा—
“रेलवे प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।”
भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा।
टिकट काउंटर और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के लिए गाइडलाइन जारी की जाएगी।
भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
🔹 सुरक्षा कैमरों की मदद से भीड़ नियंत्रण की निगरानी की जाएगी।
प्रयागराज महाकुंभ में बढ़ती भीड़ के कारण रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मच गई, जिसमें 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। रेलवे और प्रशासन भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए नई व्यवस्थाओं पर काम कर रहा है।
