प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) योजना 2025-26 तक बढ़ी, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
“ किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने और देश में दालों की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) योजना को 2025-26 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।“
सरकार ने तुअर (अरहर), उड़द और मसूर की 100% सरकारी खरीद सुनिश्चित करने का ऐलान किया है। यह फैसला किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ दिलाने और देश को दालों के आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
PM-AASHA योजना: किसानों के लिए क्या है खास?
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) 2018 में शुरू किया गया था ताकि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल सके और वे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ उठा सकें।
मुख्य उद्देश्य:
किसानों को एमएसपी पर सरकारी खरीद का लाभ देना
बाजार में कीमतों की स्थिरता बनाए रखना
आयात पर निर्भरता कम करके दालों में आत्मनिर्भरता बढ़ाना
किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना
अब तुअर, उड़द और मसूर की पूरी सरकारी खरीद होगी जिससे किसानों को बिना किसी चिंता के अपनी फसल का उचित मूल्य मिलेगा।
2024-25 में दालों की खरीद की स्थिति
केंद्र सरकार ने 2024-25 की खरीद वर्ष में दालों के कुल उत्पादन के बराबर खरीद की अनुमति दी है।
इन राज्यों में होगी बड़े पैमाने पर खरीद:
| राज्य | स्वीकृत खरीद मात्रा (LMT) |
|---|---|
| आंध्र प्रदेश | 1.12 |
| छत्तीसगढ़ | 0.50 |
| गुजरात | 1.50 |
| हरियाणा | 0.10 |
| कर्नाटक | 2.50 |
| मध्य प्रदेश | 1.80 |
| महाराष्ट्र | 3.20 |
| तेलंगाना | 1.60 |
| उत्तर प्रदेश | 0.90 |
| कुल | 13.22 LMT |
अब तक 0.15 लाख मीट्रिक टन (LMT) तुअर की खरीद हो चुकी है, जिससे 12,006 किसान लाभान्वित हुए हैं।
इन राज्यों में पहले ही शुरू हो चुकी है खरीद प्रक्रिया
आंध्र प्रदेश
कर्नाटक
महाराष्ट्र
तेलंगाना
इन राज्यों में पहले ही खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे किसानों को उनकी फसल का एमएसपी पर सीधा लाभ मिल रहा है। अन्य राज्यों में भी जल्द ही खरीद प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे और अधिक किसानों को फायदा मिलेगा।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का बयान
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा:
“PM-AASHA योजना को 2025-26 तक बढ़ाने का निर्णय किसानों के लिए ऐतिहासिक है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। तुअर, उड़द और मसूर की 100% सरकारी खरीद से किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ मिलेगा और दालों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है और नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
PM-AASHA योजना के फायदे
इस योजना से किसानों को कई लाभ मिलेंगे:
100% सरकारी खरीद: अब अरहर, उड़द और मसूर की पूरी खरीद होगी, जिससे किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ मिलेगा।
बिचौलियों से छुटकारा: किसान अपनी फसल को सीधे सरकार को बेच सकेंगे, जिससे उन्हें दलालों से बचने और अधिक मुनाफा कमाने का मौका मिलेगा।
दालों में आत्मनिर्भरता: भारत का दालों के आयात पर निर्भरता घटेगा और उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
बाजार में कीमतों की स्थिरता: इस योजना से बाजार में दालों की कीमतों में उतार-चढ़ाव कम होगा, जिससे आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी।
कृषकों की आर्थिक स्थिति में सुधार: किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, जिससे वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपना सकेंगे।
PM-AASHA योजना को 2025-26 तक बढ़ाने का फैसला किसानों के लिए एक बड़ा कदम है।
अब तुअर, उड़द और मसूर की 100% सरकारी खरीद होगी, जिससे किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ मिलेगा।
13.22 लाख मीट्रिक टन (LMT) दालों की खरीद को मंजूरी मिली है।
अब तक 0.15 LMT की खरीद हो चुकी है, जिससे 12,006 किसान लाभान्वित हुए हैं।
इससे भारत दालों में आत्मनिर्भर बनेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।
