बिहार में फिर से शुरू हुई मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना, 42 नए पुलों का होगा निर्माण
“ बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क और पुल सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना को फिर से शुरू किया गया है। राज्य के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इस योजना के तहत 42 से अधिक पुलों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में गड्ढा मुक्त सड़कों का निर्माण भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।“
ग्रामीण सड़कों और पुलों के विकास पर जोर
ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा ग्रामीण सड़कों और पुलों को बेहतर बनाने के लिए कई नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत अब तक 31,593 किलोमीटर सड़कें और 121 पुल बनाए जा चुके हैं।
अब 100 से अधिक आबादी वाले गांवों को जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना शुरू की गई है।
समस्तीपुर और दरभंगा जिले में 180 करोड़ रुपये की लागत से 210 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी, जिससे 146 गांवों को सड़क से जोड़ा जाएगा।
30 जून 2024 तक बिहार की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाएगा।
समस्तीपुर में 607 नई सड़कों का निर्माण
समस्तीपुर जिले के लिए बड़ी योजना:
607 नई सड़कों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
इनकी कुल लंबाई 1065 किलोमीटर होगी।
इस पर लगभग 864 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम को बिहार मंत्रिपरिषद से मंजूरी मिल चुकी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण को और अधिक गति मिलेगी।
बिहार में सड़क और पुल निर्माण का महत्व
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़कें और पुल संपर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना और मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना का मुख्य उद्देश्य सभी गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ना और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देना है।
इस योजना से बिहार के हजारों गांवों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना को फिर से शुरू किया।
42 से अधिक नए पुलों का निर्माण होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर संपर्क मिलेगा।
समस्तीपुर और दरभंगा में 180 करोड़ रुपये की लागत से 210 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी।
607 नई सड़कों के निर्माण के लिए 864 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
30 जून तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य।
