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उत्तर प्रदेश का बजट 2025: आर्थिक मजबूती, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्त वर्ष 2025-26 का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया। इस बजट का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है। सरकार ने औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया है।

अवस्थापना विकास – 22%
शिक्षा क्षेत्र – 13%
कृषि और संबद्ध सेवाएं – 11%
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य – 6%
सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम – 4%
पूंजीगत परिव्यय – 20.5%

औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे पर जोर

बजट में 22% राशि अवस्थापना विकास के लिए निर्धारित की गई है, जिसमें सड़क निर्माण, औद्योगिक विस्तार और परिवहन सुविधाओं को मजबूत बनाने की योजना शामिल है।

महत्वपूर्ण घोषणाएं:
21,000 किमी नई सड़कें बनाने के लिए 6,000 करोड़ रुपये का आवंटन।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये से सड़क निर्माण, जबकि मरुस्थली क्षेत्रों में 15 करोड़ रुपये की योजना।
रोडवेज और शहरी परिवहन के लिए 500 नई बसें
स्मार्ट शहरों और नगरीय विकास के लिए 58 नगर निकायों को 2.50 करोड़ रुपये प्रति नगर निकाय की धनराशि।

शिक्षा और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा

योगी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट का 13% हिस्सा आवंटित किया है। इसमें प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक सुधारों को प्राथमिकता दी गई है।

घोषित योजनाएं:
प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लासरूम
राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी की स्थापना।
साइबर सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी रिसर्च ट्रांसलेशन पार्क
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, जिससे प्रदेश तकनीकी नवाचार का हब बने।

रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती

सरकार ने युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए बड़े पैमाने पर योजनाएं शुरू करने की घोषणा की है।

बजट में रोजगार संबंधित घोषणाएं:
1.25 लाख नई नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य।
राइजिंग उत्तर प्रदेश में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर।
जिला मुख्यालयों में कामगार अड्डे विकसित किए जाएंगे, जहां श्रमिकों के लिए कैंटीन, स्वच्छ पेयजल, स्नानागार और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

ग्राम विकास और गरीबी उन्मूलन की नई योजनाएं

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम विकास को भी प्राथमिकता दी है। सरकार 2 अक्टूबर 2024 से ‘जीरो पॉवर्टी अभियान’ शुरू कर रही है, जिसके तहत गरीब परिवारों की वार्षिक आय को 1,25,000 रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

ग्राम विकास और कृषि के लिए घोषणाएं:
मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना को फिर से शुरू किया गया, जिसमें 42 पुलों का निर्माण होगा।
250 से अधिक आबादी वाले गांवों को सड़क से जोड़ा जाएगा
31,593 किमी सड़क और 121 पुल पहले ही बनाए जा चुके हैं
25,000 घुमंतू और अर्ध-घुमंतू परिवारों को पट्टे दिए जाएंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण निवेश किया है ताकि सभी नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

महत्वपूर्ण घोषणाएं:
चिकित्सा और स्वास्थ्य के लिए बजट का 6% हिस्सा आवंटित।
मुफ्त दवाएं और जांच सुविधा देने की योजना।
सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
टेलीमेडिसिन सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि दूरदराज के लोगों को भी आसानी से उपचार मिले।

पर्यावरण और स्मार्ट सिटी मिशन

पर्यावरण और स्मार्ट सिटी के लिए घोषणाएं:
58 नगर निकायों को ‘आदर्श स्मार्ट नगर निकाय’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
स्मार्ट शहरों में सफाई, जल आपूर्ति और डिजिटल सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लागू होंगी।

उत्तर प्रदेश का बजट 2025 आर्थिक मजबूती, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार और ग्रामीण विकास पर केंद्रित है। सरकार ने उत्तर प्रदेश को तकनीकी और औद्योगिक हब बनाने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है।

5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है यूपी।
इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्मार्ट सिटी मिशन पर विशेष फोकस
युवाओं के लिए 1.25 लाख नई नौकरियां और नए स्टार्टअप को बढ़ावा

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