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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पीएमसीएच शताब्दी समारोह में चिकित्सा अनुसंधान और तकनीक पर दिया जोर

पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) अपने शताब्दी समारोह का आयोजन कर रहा है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। पटना के बापू सभागार में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 3000 से अधिक डॉक्टरों को सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति ने चिकित्सा अनुसंधान, तकनीकी उन्नति और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा बदलाव आ सकता है, जिससे इलाज आसान और प्रभावी हो सकता है।

पीएमसीएच का चिकित्सा शोध में योगदान

राष्ट्रपति मुर्मु ने पीएमसीएच के चिकित्सा अनुसंधान कार्यों की सराहना की, विशेष रूप से कालाजार बीमारी पर किए गए शोध को, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को कई बेहतरीन डॉक्टर दिए हैं

तकनीक और शोध से होगा इलाज आसान

उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी सुधार पर जोर देते हुए कहा कि –

नई तकनीकों के जरिए उपचार अधिक प्रभावी और सुलभ होगा।
डॉक्टरों और मरीजों को दूरस्थ सहायता मिल सकेगी।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज और शोध को बढ़ावा देने की जरूरत है।

बिहार सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना

राष्ट्रपति ने बिहार सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में किए जा रहे सुधारों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि पीएमसीएच में बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिससे मरीजों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) अपनी 100वीं वर्षगांठ पर चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियों का जश्न मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह संबोधन आधुनिक चिकित्सा तकनीक, अनुसंधान और कैंसर जैसी बीमारियों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को दर्शाता है। यह समारोह भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की उन्नति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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