प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का अंतिम स्नान संपन्न, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
“प्रयागराज में महाशिवरात्रि के अवसर पर महाकुंभ 2025 का अंतिम स्नान पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए और गंगा नदी में गश्त कर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने का प्रयास किया।“
सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
प्रयागराज के अतिरिक्त एसपी श्वेताभ पांडे ने बताया कि अंतिम अमृत स्नान के लिए पुलिस लगातार गंगा नदी में नावों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का कार्य कर रही थी। उन्होंने कहा, “अगर कोई नाव बिना लाइफ जैकेट के चल रही है तो उसे रोका जा रहा है और अवैध रूप से संचालित नावों को पकड़ा जा रहा है।”
इसके अलावा, मोटरबोट और इंजन वाली नावों पर प्रतिबंध लगाया गया और केवल सामान्य नावों को ही संचालन की अनुमति दी गई। सुरक्षा के तहत नौ गश्ती टीमें तैनात की गई थीं, जो रात से ही लगातार निगरानी कर रही थीं। यह गश्त तब तक जारी रहेगी जब तक कुंभ में आए सभी श्रद्धालु सुरक्षित बाहर नहीं निकल जाते।
AI और आधुनिक तकनीक का उपयोग
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा का बेहतरीन प्रबंधन किया गया। उन्होंने कहा, “महाकुंभ के दौरान आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग किया गया, जिससे भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाया जा सका।”
65 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
DGP प्रशांत कुमार ने बताया कि महाकुंभ 2025 के दौरान 65 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। उन्होंने कहा, “आज सुबह से ही अंतिम अमृत स्नान शुरू हो गया था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन अवसर पर शामिल हुए।”
अन्य तीर्थ स्थलों पर भी बढ़ी भीड़
उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या, वाराणसी और विंध्यवासिनी देवी जैसे धार्मिक स्थलों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्रयागराज से स्नान के बाद कई भक्त इन तीर्थ स्थलों पर दर्शन के लिए गए।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की सराहना
महाकुंभ 2025 के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की सराहना की जा रही है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बेहतरीन तालमेल के चलते यह भव्य आयोजन शांति और सफलता के साथ पूरा हुआ।
महाकुंभ 2025 का अंतिम स्नान श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक और भक्ति से भरा रहा। सुरक्षा और सुव्यवस्थित प्रबंधन की वजह से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। श्रद्धालु इस ऐतिहासिक स्नान का हिस्सा बनकर खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।
