आईआईटी मद्रास में इनोवेशन का मेला: नए शोध से ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति
“देशभर के आईआईटी, एनआईटी, आईआईएससी बेंगलुरु और आईआईएसईआर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के युवा इंजीनियरों ने आईआईटी मद्रास में राष्ट्रीय शोध प्रदर्शनी ‘आईइन्वेंटिव’ में अपने नवाचारों का प्रदर्शन किया। शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में 185 से अधिक नई खोजों को प्रदर्शित किया गया, जिनका उद्देश्य व्यावहारिक समस्याओं का हल निकालना और उद्योगों को नई तकनीक प्रदान करना है।“
प्रदर्शनी में दिखाए गए प्रमुख नवाचार
1. हेल्दीरूट: वायु गुणवत्ता के आधार पर रास्ता बताने वाला एप
आईआईटी हैदराबाद के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित ‘हेल्दीरूट एप’ एक अनूठी तकनीक है जो सिर्फ ट्रैफिक को ही नहीं, बल्कि वायु प्रदूषण के स्तर को भी ध्यान में रखकर सबसे सुरक्षित मार्ग सुझाता है। यह एप उन लोगों के लिए खास उपयोगी है जो अस्थमा, एलर्जी या अन्य सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं।
2. बिना सुई के ब्लड शुगर जांचने वाला उपकरण
डायबिटीज मरीजों के लिए एक राहत भरी खबर! इस एक्सपो में बिना सुई के ब्लड शुगर जांचने वाला उपकरण भी प्रदर्शित किया गया, जो पीड़ादायक तरीके से छुटकारा दिलाएगा और रक्त जांच को अधिक सुविधाजनक बनाएगा।
3. बांस के पाउडर से बोतलें बनाने की मशीन
पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, शोधकर्ताओं ने बांस के पाउडर से बोतलें बनाने की मशीन विकसित की है। यह प्लास्टिक के उपयोग को कम कर पर्यावरण सुरक्षा में योगदान देगा।
4. पोल्ट्री फार्म में रोबोटिक अंडा संग्रहण प्रणाली
अब पोल्ट्री फार्म में अंडे इकट्ठा करने के लिए इंसानों की जरूरत नहीं पड़ेगी। आईआईटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जो पूरी तरह से स्वचालित तरीके से अंडों को इकट्ठा करेगा, जिससे समय और श्रम की बचत होगी।
आईइन्वेंटिव एक्सपो का उद्देश्य
आईआईटी मद्रास के निदेशक वी कामकोटि के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य शोध और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इस प्रदर्शनी में कई ऐसे स्टार्टअप भी शामिल हुए हैं, जिनकी नींव इन्हीं प्रतिष्ठित संस्थानों में रखी गई थी।
आईआईटी मद्रास में आयोजित इस शोध प्रदर्शनी ने दिखाया कि कैसे युवा वैज्ञानिक और शोधकर्ता जीवन की वास्तविक समस्याओं को हल करने के लिए नई तकनीकें विकसित कर रहे हैं। ट्रैफिक जाम से मुक्ति, वायु प्रदूषण नियंत्रण, हेल्थकेयर सुधार और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में ये नवाचार भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।
