वैश्विक दबाव के चलते भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में
“मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में कमजोर वैश्विक संकेतों और आईटी-ऑटो सेक्टर में भारी बिकवाली के चलते गिरावट देखने को मिली। सुबह 9:30 बजे,“
- सेंसेक्स 363.22 अंक (0.50%) गिरकर 72,722.72 पर पहुंच गया।
- निफ्टी 125.80 अंक (0.57%) गिरकर 21,993.50 पर कारोबार कर रहा था।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी व्यापार नीति और वैश्विक अनिश्चितता के चलते निवेशकों में सतर्कता देखी जा रही है, जिससे बाजार में दबाव बना हुआ है।
वैश्विक अनिश्चितता का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के कारण वैश्विक व्यापार में अस्थिरता बढ़ रही है।
- अमेरिका ने कनाडा और मैक्सिको पर 25% टैरिफ और चीन पर 20% टैरिफ लगाया है।
- कनाडा ने भी मंगलवार से 30 बिलियन कनाडाई डॉलर के अमेरिकी आयात पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है।
- अगले 21 दिनों में कनाडा 125 बिलियन कनाडाई डॉलर के अतिरिक्त टैरिफ लागू करेगा।
इस व्यापार युद्ध के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है, जिसका सीधा प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला।
बाजार पर असर और सेक्टोरियल गिरावट
भारतीय बाजार में गिरावट व्यापक रूप से देखी गई।
- निफ्टी बैंक – 91.80 अंक (0.19%) की गिरावट के साथ 48,022.50 पर रहा।
- निफ्टी मिडकैप 100 – 883.50 अंक (1.84%) की गिरावट के साथ 47,100.65 पर बंद हुआ।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 – 251.50 अंक (1.72%) की गिरावट के साथ 14,409.35 पर बंद हुआ।
निफ्टी के लिए प्रमुख समर्थन और प्रतिरोध स्तर
बाजार विश्लेषकों के अनुसार,
✅ समर्थन स्तर: 22,000, 21,850 और 21,600
✅ प्रतिरोध स्तर: 22,500, 22,600 और 22,800
चॉइस ब्रोकिंग के मंदार भोजाने के अनुसार, 22,000 से नीचे जाने पर 21,800 तक बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है, जबकि 22,500 से ऊपर की रिकवरी बाजार में राहत ला सकती है।
टॉप लूजर्स और गेनर्स
📉 गिरने वाले प्रमुख शेयर:
- टेक महिंद्रा
- एचसीएल टेक
- नेस्ले इंडिया
- इंफोसिस
- टाटा स्टील
- एमएंडएम
- टाइटन
📈 बढ़ने वाले प्रमुख शेयर:
- आईसीआईसीआई बैंक
- एचडीएफसी बैंक
- एसबीआई
अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट
अमेरिकी शेयर बाजार में भी गिरावट देखने को मिली:
- डॉव जोन्स – 1.48% गिरकर 43,191.24 पर बंद हुआ।
- एसएंडपी 500 – 1.76% गिरकर 5,849.72 पर बंद हुआ।
- नैस्डैक – 2.64% गिरकर 18,350.19 पर बंद हुआ।
भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक अनिश्चितता, व्यापार युद्ध और विदेशी निवेशकों की सतर्कता का असर पड़ा है। बाजार में मंदी का माहौल बना हुआ है, लेकिन 22,500 का स्तर पार करने पर रिकवरी संभव है। निवेशकों को सतर्क रहने और बाजार की चाल को ध्यान में रखकर निवेश करने की सलाह दी जाती है।
