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मॉरीशस में अटल बिहारी वाजपेयी लोक सेवा एवं नवाचार संस्थान का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने मॉरीशस के रेडुइट में अटल बिहारी वाजपेयी लोक सेवा एवं नवाचार संस्थान का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। यह भारत-मॉरीशस विकास साझेदारी के तहत कार्यान्वित एक ऐतिहासिक परियोजना है, जो मॉरीशस में क्षमता निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

संस्थान की स्थापना और उद्देश्य

इस संस्थान की स्थापना 2017 में हुए एक समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत की गई है। भारत ने इस परियोजना के लिए 4.74 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान प्रदान किया है।

संस्थान के प्रमुख उद्देश्य:

  1. मॉरीशस के सिविल सेवकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करना।
  2. मंत्रालयों, सार्वजनिक कार्यालयों, अर्ध-सरकारी निकायों और सरकारी उद्यमों में प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करना।
  3. लोक प्रशासन में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में कार्य करना।
  4. अनुसंधान, शासन अध्ययन और भारत के साथ संस्थागत संबंधों को बढ़ावा देना।

भारत-मॉरीशस संबंधों में नई उपलब्धि

इस ऐतिहासिक अवसर पर, पीएम मोदी ने आईटीईसी (ITEC) और भारत सरकार की छात्रवृत्ति प्राप्त पूर्व छात्रों से भी बातचीत की। ये छात्र पहले भारत में विभिन्न प्रशिक्षण और शिक्षा कार्यक्रमों में भाग ले चुके हैं

“भारत हमेशा मॉरीशस के विकास में भागीदार रहा है और यह संस्थान दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग का प्रतीक है।”

भारत द्वारा मॉरीशस को यह संस्थान प्रदान करना, भारत की ‘ग्लोबल साउथ’ के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को मजबूत करता है।

संस्थान की विशेषताएँ और लाभ

1. सिविल सेवकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण केंद्र

  • मॉरीशस के सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक प्रशासनिक और तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण मिलेगा।
  • डिजिटल गवर्नेंस और नीतिगत सुधारों पर विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

2. अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन

  • संस्थान सार्वजनिक नीति, प्रशासन और नवाचार के क्षेत्र में अनुसंधान केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
  • भारत और मॉरीशस के शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा।

3. भारत-मॉरीशस रणनीतिक संबंधों को मजबूती

  • संस्थान भारत-मॉरीशस के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक सहयोग को और मजबूत करेगा।
  • दोनों देशों के शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संबंधों को नई दिशा देगा

ग्लोबल साउथ और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका

भारत की प्रतिबद्धता:

  • यह संस्थान हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका को और मजबूत करता है
  • भारत ग्लोबल साउथ में प्रशासनिक और प्रौद्योगिकीय सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है
  • स्थानीय नेतृत्व और कौशल विकास को सशक्त करने का लक्ष्य

भारत की मॉरीशस में अन्य प्रमुख परियोजनाएँ:

  1. मॉरीशस में नए संसद भवन का निर्माण।
  2. सड़कों और जल आपूर्ति परियोजनाओं में सहयोग।
  3. डिजिटल और साइबर सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग।

संस्थान के उद्घाटन का वैश्विक महत्व

1. प्रशासनिक सुधार और क्षमता निर्माण

इस संस्थान के माध्यम से मॉरीशस अपने सरकारी कर्मचारियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार कर सकेगा

2. भारत-मॉरीशस सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाना

यह संस्थान भारत और मॉरीशस के बीच दीर्घकालिक कूटनीतिक साझेदारी को और गहरा करेगा

3. हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका को मजबूत बनाना

  • यह पहल हिंद महासागर क्षेत्र में शासन, प्रशासन और आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में भारत की भूमिका को मजबूत करेगी
  • इससे क्षेत्रीय स्थिरता और विकास को गति मिलेगी

अटल बिहारी वाजपेयी लोक सेवा एवं नवाचार संस्थान का उद्घाटन भारत और मॉरीशस के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह संस्थान न केवल मॉरीशस के सिविल सेवकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करेगा, बल्कि लोक प्रशासन में एक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा।

इस पहल से भारत-मॉरीशस सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका को और मजबूत किया जाएगा

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