प्रधानमंत्री मोदी की मॉरीशस यात्रा: भारत-मॉरीशस संबंधों में ऐतिहासिक मील का पत्थर
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा समाप्त करने के बाद गुरुवार को दिल्ली लौट आए। इस यात्रा के दौरान उन्होंने मॉरीशस की जनता और सरकार द्वारा मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।“
पीएम मोदी ने पोस्ट लिखकर जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा:
“मैं प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम, मॉरीशस के लोगों और सरकार का गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त करता हूं।”
उन्होंने अपनी यात्रा के दूसरे दिन का वीडियो भी साझा किया। उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी दूसरी बार मॉरीशस के नेशनल डे पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पहली बार वे 2015 में इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे।
पीएम मोदी को मॉरीशस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला
मॉरीशस के राष्ट्रपति धर्मबीर गोखूल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ (GCSK) से सम्मानित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय नेता को यह सम्मान मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पुरस्कार को भारत और मॉरीशस के बीच विशेष मित्रता और भारत के 1.4 अरब लोगों को समर्पित किया।
भारतीय नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी ने परेड में भाग लिया
नेशनल डे समारोह के दौरान भारतीय नौसेना की एक मार्चिंग टुकड़ी ने भी परेड में भाग लिया। यह दर्शाता है कि भारत और मॉरीशस के रक्षा और रणनीतिक सहयोग में निरंतर मजबूती आ रही है।
विदेश मंत्रालय ने कहा- भारत-मॉरीशस संबंधों में एक नया अध्याय
विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“भारत-मॉरीशस द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर- हमारी बढ़ी हुई रणनीतिक साझेदारी से इस क्षेत्र की ताकत और बढ़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यादगार यात्रा के बाद मॉरीशस से रवाना हुए। प्रधानमंत्री रामगुलाम ने उन्हें हवाई अड्डे पर विदा किया।”
मॉरीशस छोड़ने से पहले पीएम मोदी ने किया गंगा तालाब का दौरा
इससे पहले, मॉरीशस के प्रधानमंत्री रामगुलाम ने हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का स्वागत किया था। अपनी यात्रा समाप्त करने से पहले, पीएम मोदी ने मॉरीशस के गंगा तालाब का दौरा किया और वहां प्रार्थना की।
पीएम मोदी ने गंगा तालाब में अर्पित किया प्रयागराज महाकुंभ का पवित्र जल
प्रधानमंत्री मोदी प्रयागराज महाकुंभ का पवित्र जल लेकर मॉरीशस पहुंचे थे और इसे गंगा तालाब में अर्पित किया। यह इशारा भारत और मॉरीशस के बीच आध्यात्मिक एकता और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करता है।
पीएम मोदी ने कहा- गंगा तालाब पर आना एक भावनात्मक अनुभव
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मॉरीशस के गंगा तालाब पर आना उनके लिए एक भावनात्मक अनुभव रहा। उन्होंने कहा:
“इसके पवित्र जल के किनारे खड़े होकर, कोई भी व्यक्ति गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव को महसूस कर सकता है, जो सीमाओं से परे है और लोगों की पीढ़ियों को उनकी जड़ों से जोड़ता है।”
भारत-मॉरीशस संबंधों में नई ऊंचाइयां
1. भारत-मॉरीशस रणनीतिक साझेदारी मजबूत हुई
- इस यात्रा के दौरान मॉरीशस में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी कई परियोजनाओं पर चर्चा हुई।
- भारत मॉरीशस में नए संसद भवन के निर्माण में मदद करेगा।
2. व्यापार और रक्षा सहयोग को बढ़ावा
- दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के अवसरों को लेकर चर्चा हुई।
- मॉरीशस के समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में भारत की भूमिका को और मजबूत किया गया।
3. भारतीय समुदाय के लिए विशेष संबंध
- मॉरीशस में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी संख्या है, जो दोनों देशों के बीच विशेष सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध को दर्शाता है।
- इस यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय के लिए विशेष योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी की मॉरीशस यात्रा भारत-मॉरीशस संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुई।
- उन्हें मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया।
- गंगा तालाब का दौरा कर भारत और मॉरीशस के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और गहरा किया।
- भारत और मॉरीशस की द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत किया गया।
इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच मित्रता, व्यापार और सामरिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
