असम में लाचित बोरफुकन पुलिस अकादमी का उद्घाटन: पुलिस प्रशिक्षण को नई दिशा
“केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के डेरगांव में नव-निर्मित लाचित बोरफुकन पुलिस अकादमी का उद्घाटन किया। यह अकादमी आधुनिक तकनीक और उन्नत प्रशिक्षण सुविधाओं से लैस है, जो पुलिस कर्मियों को प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उद्घाटन के दौरान अकादमी के आवासीय परिसर की आधारशिला भी रखी गई।“
इस अवसर पर गृह मंत्री ने लाचित बोरफुकन को श्रद्धांजलि अर्पित की, जो असम के महान योद्धा थे और जिन्होंने मुगलों के खिलाफ असम की रक्षा की थी।
असम की सांस्कृतिक विरासत को नमन
अपने भाषण में अमित शाह ने मां कामाख्या और श्रीमंत शंकरदेव की महान विरासत को भी नमन किया। उन्होंने बताया कि यह पुलिस अकादमी न केवल असम के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान बनने की दिशा में कार्य करेगी।
अकादमी की निर्माण योजना और निवेश
- प्रथम चरण के निर्माण की लागत 167 करोड़ रुपये।
- द्वितीय चरण की आधारशिला रखी गई।
- कुल तीन चरणों में 1,024 करोड़ रुपये के निवेश से इसे भारत की शीर्ष पुलिस अकादमी बनाने का लक्ष्य।
- अगले पांच वर्षों में यह अकादमी भारत की सर्वश्रेष्ठ पुलिस अकादमी के रूप में स्थापित होगी।
असम पुलिस के लिए नया युग
गृह मंत्री ने कहा कि एक समय था जब असम के पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए अन्य राज्यों में भेजा जाता था। लेकिन आज, मणिपुर और गोवा के 2,000 पुलिस कर्मी भी लाचित बोरफुकन पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह असम के लिए गौरव की बात है कि अब राज्य में ही बेहतरीन पुलिस प्रशिक्षण केंद्र उपलब्ध हो गया है।
उन्होंने असम सरकार की सराहना करते हुए कहा कि इस अकादमी को महान योद्धा लाचित बोरफुकन को समर्पित किया गया है, जिससे पुलिस कर्मियों को राष्ट्रभक्ति और वीरता की प्रेरणा मिलेगी।
लाचित बोरफुकन का राष्ट्रीय गौरव
गृह मंत्री अमित शाह ने लाचित बोरफुकन की वीरता का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कहानी पहले केवल असम तक सीमित थी, लेकिन अब इसे 23 भारतीय भाषाओं में अनुवादित किया गया है।
- उनकी जीवनी को अब देशभर के पुस्तकालयों में संरक्षित किया गया है।
- 8 अन्य राज्यों के स्कूल पाठ्यक्रम में लाचित बोरफुकन की कहानी को शामिल किया गया है।
- युवा पीढ़ी इस महान योद्धा से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित होगी।
असम के युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर
गृह मंत्री ने कहा कि असम में तेजी से हो रहे विकास कार्यों से लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि:
- बोडो, कार्बी, आदिवासी और उल्फा उग्रवादी समूहों के साथ शांति समझौतों से स्थिरता आई है।
- असम-मेघालय और असम-अरुणाचल सीमा विवादों के समाधान से राज्य में शांति बढ़ी है।
- अर्धचालक उद्योग और एडवांटेज असम 2.0 पहल से निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
- 5.18 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों से उद्योगों का विस्तार होगा।
- 3 लाख करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा निवेश से राज्य में विकास कार्यों को गति मिलेगी।
अब असम के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि राज्य में ही बेहतर नौकरियों के अवसर उपलब्ध होंगे।
असम को केंद्र सरकार से ऐतिहासिक आर्थिक सहयोग
गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में असम को केवल 1,27,000 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई थी। जबकि मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 4,95,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो कांग्रेस की तुलना में चार गुना अधिक है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि असम में अशांति और धीमे विकास के लिए पिछली सरकार जिम्मेदार थी। मोदी सरकार ने शिक्षा, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी है।
असम में बुनियादी ढांचा विकास को नई ऊंचाई
गृह मंत्री ने असम सरकार की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सराहना की और कहा कि:
- असम में नए हाईवे, रेलवे और औद्योगिक गलियारे बनाए जा रहे हैं।
- नदी परिवहन और लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं।
- शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में बड़े निवेश किए जा रहे हैं।
असम के लिए यह ऐतिहासिक दिन है क्योंकि लाचित बोरफुकन पुलिस अकादमी के उद्घाटन से राज्य में पुलिस प्रशिक्षण को नई दिशा मिलेगी। गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में असम सरकार को विकास और सुरक्षा में मजबूती देने की दिशा में नए अवसर मिल रहे हैं।
यह अकादमी न केवल असम बल्कि पूरे भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में से एक बनेगी। इससे राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत होगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और असम के विकास को नया आयाम मिलेगा।
