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भारत-चीन के रिश्तों पर US में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बड़ी बात कह दी

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए भारत-चीन संबंधों पर अपने विचार रखे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के रिश्ते सामान्य नहीं हैं और तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि सीमा पर शांति और स्थिरता बहाल नहीं होती। यह बयान तब आया है जब दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में तनाव बढ़ा है, खासकर लद्दाख में सीमा विवाद के चलते।

जयशंकर का बयान:

जयशंकर ने स्पष्ट रूप से कहा, “भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य होने के लिए सबसे पहले सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है। जब सीमा पर तनाव होगा, तो सामान्य रिश्ते बनाए रखना संभव नहीं है।” उनका यह बयान स्पष्ट करता है कि भारत की प्राथमिकता सीमा पर स्थिति को नियंत्रण में लाना है।

सीमा विवाद पर रुख:

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पिछले कुछ वर्षों से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हुई है, लेकिन सीमा पर पूरी तरह से शांति अभी भी बहाल नहीं हो पाई है। जयशंकर ने इस मुद्दे पर कहा कि जब तक सीमा पर शांति नहीं होगी, तब तक दोनों देशों के बीच व्यापार और अन्य संबंधों में भी कठिनाई बनी रहेगी।

वैश्विक दृष्टिकोण:

जयशंकर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के साथ भारत के संबंध मजबूत हो रहे हैं। भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता को लेकर चिंतित है और इस मुद्दे पर वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को देखते हुए यह बयान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

चीन के साथ भविष्य के रिश्ते:

भारत-चीन के बीच व्यापारिक संबंधों में भी अस्थिरता देखने को मिल रही है। हालांकि दोनों देश बड़े व्यापारिक साझेदार हैं, लेकिन सीमा पर तनाव का असर इन संबंधों पर साफ दिखाई देता है। जयशंकर ने यह भी संकेत दिया कि चीन के साथ संबंधों में सुधार के लिए सीमा पर शांति एक अनिवार्य शर्त है।

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