इजरायल पर हमले के बाद जो बाइडन की जी7 नेताओं से बातचीत: ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी
इजरायल पर हालिया हमलों के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने तुरंत कदम उठाते हुए जी7 देशों के नेताओं के साथ फोन पर बातचीत की। इस चर्चा का मुख्य फोकस इजरायल की सुरक्षा और क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की भूमिका पर था। बाइडन ने इस वार्ता के दौरान ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा का संकेत दिया, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना है।
जी7 नेताओं के साथ चर्चा:
- सुरक्षा और सहयोग:
बाइडन ने जी7 देशों के नेताओं से इजरायल के खिलाफ हुए हमलों के संदर्भ में सुरक्षा उपायों पर चर्चा की। सभी देशों ने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। - ईरान पर नए प्रतिबंध:
चर्चा में यह बात सामने आई कि ईरान का आतंकवादी संगठनों, विशेष रूप से हमास और हिज़बुल्लाह, को समर्थन देना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है। इस पर बाइडन ने ईरान के खिलाफ सख्त प्रतिबंधों का प्रस्ताव रखा, जिनमें ईरानी तेल निर्यात और वित्तीय प्रतिबंध शामिल हो सकते हैं।
ईरान की भूमिका:
हाल के हमलों के पीछे ईरान के अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इजरायल पर हुए रॉकेट और ड्रोन हमलों के बाद से पश्चिमी देशों को चिंता है कि ईरान क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने के लिए आतंकवादी समूहों को समर्थन दे रहा है। इससे पहले भी ईरान पर कई बार ऐसे आरोप लग चुके हैं कि वह इजरायल विरोधी समूहों को हथियार और वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
बाइडन का रुख:
बाइडन ने इस बातचीत में स्पष्ट किया कि अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के किसी भी उकसाने वाले कदम को बर्दाश्त नहीं करेंगे। ईरान पर लगाए जाने वाले नए प्रतिबंधों का उद्देश्य उसकी सैन्य और आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है, ताकि वह आतंकवादी समूहों को समर्थन देने से रोका जा सके।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया:
जी7 नेताओं ने बाइडन के इस कदम का समर्थन किया और वैश्विक स्थिरता बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि यदि उसने अपनी आक्रामक गतिविधियों को नहीं रोका, तो उसे और अधिक अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ेगा।
