बजट 2025-26: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दिया जवाब, ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर जोर
“केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 पर लोकसभा में हुई चर्चा के दौरान मंगलवार को जवाब दिया। उन्होंने इस बजट को ‘ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया’ से ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ाने वाला बताते हुए कहा कि यह अन्नदाता, गरीब, नारी और युवाओं पर केंद्रित है।“
बजट का उद्देश्य:
आर्थिक विकास को गति देना
समावेशी विकास सुनिश्चित करना
निजी क्षेत्र और घरेलू निवेश को बढ़ावा देना
वित्तीय स्थिरता बनाए रखना
🔹 वैश्विक चुनौतियों के बीच संतुलित बजट
वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट ऐसे समय में आया है जब दुनिया में कई अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक मुद्रास्फीति ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा:
“हमारी प्राथमिकता वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बावजूद भारत की आर्थिक वृद्धि को बनाए रखना है।”
“यह बजट राष्ट्रीय विकास आवश्यकताओं को राजकोषीय प्राथमिकताओं के साथ संतुलित करता है।”
पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर):
सरकार जीडीपी का 4.3% पूंजीगत व्यय के रूप में निवेश कर रही है।
99% उधारी विकास योजनाओं पर खर्च होगी, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
🔹 बजट 2025-26 के 4 प्रमुख लक्ष्य
आर्थिक वृद्धि में तेजी लाना:
देश की विकास दर (GDP ग्रोथ) को बढ़ाने के लिए नए सुधारों को लागू किया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर को विशेष समर्थन मिलेगा।
समावेशी विकास:
बजट का फोकस गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं पर है।
MSME और स्टार्टअप सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लाई जाएंगी।
निजी निवेश को प्रोत्साहित करना:
बैंकिंग, वित्त और स्टार्टअप सेक्टर में निजी निवेश को बढ़ाने के लिए सरकार ने अनुकूल नीति बनाई है।
इससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
घरेलू निवेश को बढ़ावा:
देश में मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात और डिजिटल इंडिया को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
इससे स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रगति होगी।
🔹 बजट 2025-26 में मुख्य क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
कृषि और अन्नदाता:
किसानों के लिए नई सब्सिडी और योजनाएं।
खेती में तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश।
सिंचाई और कृषि भंडारण की सुविधा को मजबूत करना।
गरीब और समाज के कमजोर वर्ग:
गरीबों को आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार।
मुफ्त राशन योजना को जारी रखने का ऐलान।
सामाजिक कल्याण योजनाओं में आर्थिक सहायता बढ़ाई जाएगी।
महिला सशक्तिकरण:
महिलाओं के लिए विशेष स्वरोजगार योजनाएं।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं।
महिला सुरक्षा और शिक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता।
युवाओं और शिक्षा पर विशेष ध्यान:
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए कदम।
स्किल डेवलपमेंट मिशन को और विस्तारित किया जाएगा।
इंजीनियरिंग, मेडिकल और उच्च शिक्षा में नई स्कॉलरशिप योजनाएं शुरू होंगी।
🔹 वैश्विक संकट और भारत की अर्थव्यवस्था
वित्त मंत्री ने कहा कि युद्ध और वैश्विक संकट भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन सरकार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता से निपटने के लिए तैयार है।
“हम मुक्त व्यापार को प्रोत्साहित करते हैं और वैश्वीकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
“भारत अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेश को प्रोत्साहित कर रहा है।”
🔹 बजट 2025-26: भारत के विकास की नई दिशा
महत्वाकांक्षी और समावेशी बजट
गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं पर विशेष ध्यान
मजबूत बुनियादी ढांचे और निवेश को बढ़ावा
वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने की पूरी तैयारी
