CJI चंद्रचूड़ के विदाई समारोह में भावुक हुए जस्टिस संजीव खन्ना, बोले- ‘उच्चतम न्यायालय में एक खालीपन आ जाएगा’
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, जो हाल ही में न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ के विदाई समारोह के दौरान भावुक हुए, ने उच्चतम न्यायालय में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि चंद्रचूड़ के जाने से अदालत में एक बड़ा खालीपन महसूस होगा। उनका यह बयान उस समय आया जब CJI चंद्रचूड़ को विदाई दी जा रही थी, और इस अवसर पर जस्टिस खन्ना ने चंद्रचूड़ की न्यायिक कड़ी मेहनत और उनके प्रभावी नेतृत्व को सराहा।
भावुक हुए जस्टिस खन्ना
जस्टिस संजीव खन्ना, जो उच्चतम न्यायालय के महत्वपूर्ण जज हैं, ने समारोह के दौरान अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि चंद्रचूड़ के नेतृत्व में उच्चतम न्यायालय ने कई अहम फैसले दिए हैं। उन्होंने कहा, “CJI चंद्रचूड़ के साथ काम करना एक शानदार अनुभव रहा। उनकी नेतृत्व क्षमता और न्यायिक समझ ने न केवल अदालत को दिशा दी, बल्कि पूरे न्यायिक प्रणाली में एक नई ऊर्जा का संचार किया। अब उनके जाने से एक खालीपन आ जाएगा।”
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की सराहना
जस्टिस खन्ना ने आगे कहा कि न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ का कार्यकाल एक मील का पत्थर था। उनकी कार्यशैली और फैसलों ने न केवल कानून की व्याख्या को बेहतर किया, बल्कि उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया को और भी पारदर्शी और सशक्त बनाया। “उनकी विदाई से एक रिक्तता का अहसास होगा, लेकिन उनके द्वारा छोड़ी गई धरोहर और मार्गदर्शन हमेशा हमारे साथ रहेगा,” खन्ना ने कहा।
CJI चंद्रचूड़ का योगदान
चंद्रचूड़ ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसले दिए। वे हमेशा न्याय की समानता और निष्पक्षता के पक्षधर रहे हैं। उनकी अध्यक्षता में उच्चतम न्यायालय ने कई संवैधानिक मामलों में अहम फैसले दिए, जो न केवल भारतीय न्यायपालिका बल्कि देश की राजनीति और समाज को प्रभावित करने वाले थे।
सुप्रीम कोर्ट में खालीपन
जस्टिस खन्ना का यह बयान यह भी संकेत करता है कि उच्चतम न्यायालय में उनके जैसा प्रभावी और अनुभवपूर्ण न्यायधीश मौजूद नहीं होगा, जो चंद्रचूड़ के चले जाने के बाद न्यायपालिका को इस खालीपन से उबरने में समय लगेगा। यह भी दर्शाता है कि चंद्रचूड़ का नेतृत्व उच्चतम न्यायालय के कार्यों और फैसलों में कितना अहम था।
