भारत में कॉर्पोरेट कंपनियों की संख्या 28 लाख के पार, महाराष्ट्र सबसे आगे
“ भारत में कॉर्पोरेट सेक्टर लगातार विस्तार कर रहा है और इसका प्रमाण कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़े हैं। 31 जनवरी 2025 तक देश में कुल 28,05,354 कंपनियां रजिस्टर्ड हो चुकी हैं, जिनमें से 18,17,222 कंपनियां (65%) अभी भी सक्रिय हैं। दिसंबर 2024 की तुलना में एक्टिव कंपनियों की संख्या में 0.14% की वृद्धि दर्ज की गई है।“
भारत में विदेशी कंपनियों की स्थिति
31 जनवरी 2025 तक भारत में कुल 5,216 विदेशी कंपनियां रजिस्टर्ड थीं, जिनमें से 3,281 कंपनियां (63%) एक्टिव हैं।
विदेशी कंपनियों के बढ़ते रुझान से यह साफ संकेत मिलता है कि भारत में वैश्विक निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है और कॉर्पोरेट माहौल अनुकूल हो रहा है।
कॉर्पोरेट कंपनियों का सेक्टर-वाइज विश्लेषण
भारत में एक्टिव कंपनियों का वितरण निम्नलिखित प्रकार से है:
बिजनेस सर्विस सेक्टर – 27%
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर – 20%
ट्रेडिंग, कम्युनिटी और पर्सनल सर्विस सेक्टर – 13%
सेवा क्षेत्र (Service Sector) में सबसे अधिक सक्रिय कंपनियों की वृद्धि हुई है, जबकि उद्योग (Manufacturing) और कृषि (Agriculture) सेक्टर इसके बाद आते हैं।
राज्यवार कॉर्पोरेट कंपनियों की स्थिति
नए रजिस्टर्ड कंपनियों की संख्या के मामले में टॉप 3 राज्य:
महाराष्ट्र – 2,998 कंपनियां (18%)
उत्तर प्रदेश – 1,812 कंपनियां (11%)
दिल्ली – 1,503 कंपनियां (9%)
इन तीनों राज्यों में कुल पेड-अप कैपिटल 194.77 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।
अभी एक्टिव कंपनियों की कुल संख्या के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे है, दिल्ली दूसरे स्थान पर है, जबकि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।
कॉर्पोरेट सेक्टर में क्या है प्राइवेट और पब्लिक कंपनियों की भागीदारी?
भारत में रजिस्टर्ड कुल कंपनियों में:
96% कंपनियां प्राइवेट लिमिटेड हैं 📊
4% कंपनियां पब्लिक लिमिटेड हैं 🏦
पब्लिक कंपनियां भले ही संख्या में कम हैं, लेकिन इनका योगदान ज्यादा है। ये कंपनियां पेड-अप कैपिटल का 62% हिस्सा रखती हैं, जबकि प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां 38% हिस्सेदारी रखती हैं।
जम्मू-कश्मीर में हुआ कॉर्पोरेट कंपनियों का विस्तार
केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू-कश्मीर सबसे तेजी से उभरता राज्य बनकर सामने आया है।
दिसंबर 2024 की तुलना में 112 नई कंपनियां जम्मू-कश्मीर में रजिस्टर्ड हुईं, जो कॉर्पोरेट क्षेत्र में निवेश और स्टार्टअप संस्कृति के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
भारत का कॉर्पोरेट सेक्टर लगातार मजबूत हो रहा है और कंपनियों की संख्या 28 लाख के पार पहुंच चुकी है।
महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्य नई कंपनियों के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बने हुए हैं।
सेवा क्षेत्र (Service Sector) में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई है, जिससे संकेत मिलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में स्टार्टअप्स और बिजनेस सर्विसेज की मांग तेजी से बढ़ रही है।
सरकार की नई नीतियां और डिजिटल इंडिया पहल ने नए उद्यमों को शुरू करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है।
