दिल्ली में महिलाओं को ₹2,500 महीना देने की योजना, उपराज्यपाल ने ‘विकसित दिल्ली’ घोषणापत्र किया पेश
“दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने मंगलवार को ‘विकसित दिल्ली’ घोषणापत्र पेश किया, जिसमें महिलाओं के लिए हर महीने ₹2,500 देने, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करने और दिल्ली को एक समृद्ध और विकसित शहर बनाने की प्रतिबद्धता जताई गई।“
उन्होंने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास और सबका सम्मान” मंत्र का पालन करेगी, जिससे दिल्ली के सभी वर्गों को समान रूप से लाभ मिलेगा।
महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना
इस घोषणापत्र के तहत, दिल्ली की महिलाओं को हर महीने ₹2,500 देने की योजना बनाई गई है। यह कदम महिला सशक्तिकरण और उनके आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है।
दिल्ली सरकार की प्राथमिकताएं
उपराज्यपाल ने दिल्ली विधानसभा के पहले सत्र को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया:
भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन – सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
आयुष्मान भारत योजना लागू होगी – गरीब और जरूरतमंदों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
यमुना की सफाई – दिल्ली में प्रदूषण कम करने और जल संसाधनों को संरक्षित करने की दिशा में प्रयास।
अनधिकृत कॉलोनियों का विकास – झुग्गी बस्तियों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
झुग्गियों में सस्ते भोजन की व्यवस्था – गरीब और मजदूर वर्ग के लिए सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
‘गरीबी बनाए रखना सरकार की नीति नहीं हो सकती’
उपराज्यपाल सक्सेना ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार गरीबी को बनाए रखने और यथास्थिति बनाए रखने के बजाय लोगों के उत्थान पर ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विज्ञापनों और प्रचार की जगह वास्तविक डिलीवरी और योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करेगी।
विपक्ष के विरोध के बीच सरकार का विकास पर जोर
जब उपराज्यपाल यह घोषणापत्र पढ़ रहे थे, तब विपक्षी आप विधायकों ने इसका विरोध किया, लेकिन उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को जनता से मिले समर्थन का सम्मान करते हुए पारदर्शी नीतियों को लागू करना है।
‘विकसित दिल्ली घोषणापत्र’ दिल्ली में सामाजिक और आर्थिक सुधारों का एक बड़ा खाका प्रस्तुत करता है। यह योजना महिलाओं, गरीबों और निम्न आय वर्ग के नागरिकों को लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है, साथ ही भ्रष्टाचार मुक्त शासन और सतत विकास को प्राथमिकता देती है।
