देशराज्य

गुजरात का पहला जैव विविधता धरोहर स्थल बना गुनरी इनलैंड मैंग्रोव

गुजरात सरकार ने कच्छ जिले के गुनरी गांव स्थित इनलैंड मैंग्रोव क्षेत्र को राज्य का पहला जैव विविधता धरोहर स्थल (Biodiversity Heritage Site) घोषित किया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और वन एवं पर्यावरण मंत्री मुलुभाई बेरा की अगुवाई में गुजरात जैव विविधता बोर्ड द्वारा लिया गया।

गुनरी का यह इनलैंड मैंग्रोव पारिस्थितिकी के लिहाज से एक अनोखा प्राकृतिक क्षेत्र है और इसकी रक्षा के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

🔹 गुनरी इनलैंड मैंग्रोव की खासियत

आमतौर पर मैंग्रोव जंगल समुद्र तटों पर पाए जाते हैं, जहां ज्वारीय पानी प्रतिदिन आता-जाता रहता है। लेकिन गुनरी मैंग्रोव का यह पारिस्थितिकी तंत्र बिल्कुल अलग है।

समुद्र से 45 किमी दूर: यह मैंग्रोव वन समुद्र तट से 45 किमी अंदर स्थित है।
कोरी क्रीक से 4 किमी की दूरी पर: यह स्थल कोरी क्रीक से 4 किमी दूर है और यहां समुद्री ज्वार-भाटा नहीं होता
कीचड़ या दलदली जमीन नहीं: आम मैंग्रोव क्षेत्रों की तरह यहां दलदली मिट्टी नहीं है, बल्कि 32.78 हेक्टेयर में फैला हुआ एक घना जंगल जैसा दृश्य देखने को मिलता है।

इस अनूठे पर्यावरणीय महत्व के कारण गुजरात सरकार ने इसे जैव विविधता धरोहर स्थल के रूप में संरक्षित करने का निर्णय लिया है

🔹 जैव विविधता संरक्षण के लिए उठाए गए कदम

गुजरात सरकार ने इस क्षेत्र की सुरक्षा और संरक्षण के लिए गुजरात जैव विविधता बोर्ड के तहत एक विशेष प्रबंधन योजना तैयार की है। इसके अंतर्गत:

🌱 स्थानीय समुदायों को जागरूक किया जाएगा ताकि वे जैव विविधता संरक्षण में मदद कर सकें।
🌱 वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
🌱 वन्य जीव और पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य गुनरी इनलैंड मैंग्रोव की जैव विविधता को संरक्षित करना और इसे एक पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करना है।

🔹 गुनरी मैंग्रोव संरक्षण का महत्व

🌍 पर्यावरण संरक्षण: इस जैव विविधता धरोहर स्थल को संरक्षित करने से पर्यावरण संतुलन बना रहेगा और स्थानीय वनस्पतियों एवं जीवों का संरक्षण होगा।
🌱 स्थानीय समुदायों को लाभ: जैव विविधता की सुरक्षा में स्थानीय समुदायों की भागीदारी से उन्हें रोजगार और शिक्षा के अवसर मिलेंगे
🦅 वन्यजीवों का संरक्षण: यह क्षेत्र कई प्रकार के वन्यजीवों, पक्षियों और दुर्लभ पौधों का घर है, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

गुजरात पहले ही गिर वन, ब्लैकबक नेशनल पार्क, कच्छ का रण और गिरनार अभयारण्य जैसी जैव विविधता से समृद्ध जगहों के लिए जाना जाता है। गुनरी इनलैंड मैंग्रोव को जैव विविधता धरोहर स्थल घोषित करना राज्य की पारिस्थितिक संपदा को और मजबूत करेगा

Spread the love