भारत-मॉरीशस संबंध: नए संसद भवन से लेकर सागर विज़न तक सहयोग की नई ऊंचाइयां
“भारत और मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय संबंध ऐतिहासिक रूप से गहरे और व्यापक रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर भारत और मॉरीशस के संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान उन्होंने नए संसद भवन के निर्माण, जल आपूर्ति परियोजनाओं, प्रशासनिक प्रशिक्षण और हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।“
मॉरीशस में भारत की मदद से बनेगा नया संसद भवन
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत मॉरीशस में एक नया संसद भवन बनाने में सहायता करेगा। यह संसद भवन भारत की लोकतांत्रिक विरासत और मॉरीशस की लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का प्रतीक होगा। इसे भारत की ओर से “लोकतंत्र की जननी” के रूप में एक उपहार माना जा रहा है।
नया संसद भवन मॉरीशस की राजनीतिक और प्रशासनिक क्षमता को सशक्त बनाने में सहायक होगा। यह भारत की लोकतांत्रिक मूल्यों को वैश्विक स्तर पर साझा करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
100 किलोमीटर लंबी पानी की पाइपलाइन का आधुनिकीकरण
भारत मॉरीशस में जल आपूर्ति की स्थिति में सुधार के लिए 100 किलोमीटर लंबी पानी की पाइपलाइन के आधुनिकीकरण की परियोजना शुरू करेगा। यह परियोजना:
- जल संकट को कम करने में मदद करेगी।
- स्थानीय लोगों को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में भारत के योगदान को दर्शाएगी।
साथ ही, सामुदायिक विकास परियोजनाओं के दूसरे चरण में 500 मिलियन मॉरीशस रुपये की नई परियोजनाओं की शुरुआत भी की जाएगी। यह मॉरीशस के ग्रामीण और शहरी विकास को गति देगा।
मॉरीशस के 500 सिविल सेवकों को भारत में प्रशिक्षण मिलेगा
भारत अगले पांच वर्षों में मॉरीशस के 500 सिविल सेवकों को प्रशासनिक प्रशिक्षण देगा। इस कदम से:
- मॉरीशस की सरकारी व्यवस्था को और अधिक कुशल बनाया जाएगा।
- दोनों देशों के प्रशासनिक अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा।
- भारत और मॉरीशस के संबंधों को और प्रगाढ़ किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, भारत और मॉरीशस ने द्विपक्षीय व्यापार लेनदेन को स्थानीय मुद्रा में निपटाने पर भी सहमति व्यक्त की। यह दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और सागर विज़न
प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा को भारत और मॉरीशस की साझी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा,
“स्वतंत्र, खुला, सुरक्षित एवं संरक्षित हिंद महासागर हमारी प्राथमिकता है। हम मॉरीशस के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा में पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
भारत हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने और समुद्री व्यापार को सुरक्षित करने के लिए सतत प्रयास कर रहा है। मॉरीशस इस क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है।
सागर विज़न: हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और विकास
दस साल पहले भारत ने SAGAR (Security and Growth for All in the Region) विज़न प्रस्तुत किया था, जिसकी आधारशिला मॉरीशस में रखी गई थी। इस विज़न का उद्देश्य:
- हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा को बढ़ाना।
- साझा आर्थिक और व्यापारिक विकास को प्रोत्साहित करना।
- क्षेत्रीय स्थिरता और सतत विकास को सुनिश्चित करना।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्लोबल साउथ के लिए भारत का विज़न महासागर आधारित विकास पर केंद्रित रहेगा। इसमें:
- व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सहयोग।
- सतत विकास के लिए क्षमता निर्माण।
- साझा भविष्य के लिए पारस्परिक सुरक्षा।
मॉरीशस के नागरिकों को भारत की ओर से शुभकामनाएँ
प्रधानमंत्री मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों की ओर से मॉरीशस के नागरिकों को राष्ट्रीय दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भारत और मॉरीशस केवल भौगोलिक रूप से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी गहराई से जुड़े हुए हैं।
“हम न केवल हिंद महासागर से जुड़े हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक परंपराएं और मूल्य भी हमें एक करते हैं।”
भारत और मॉरीशस ने प्राकृतिक आपदाओं और कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतियों में भी एक-दूसरे का पूरा सहयोग किया है। दोनों देशों ने रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लगातार मजबूत किया है।
भारत और मॉरीशस के बीच संबंधों को नए आयाम मिल रहे हैं। भारत मॉरीशस में नया संसद भवन, जल आपूर्ति प्रणाली का आधुनिकीकरण, सिविल सेवा प्रशिक्षण और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग जैसी कई पहल कर रहा है।
इस सहयोग से दोनों देशों के राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती मिलेगी और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और विकास को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
