भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता महत्वपूर्ण, वैश्विक और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी नजर
“अगले हफ्ते शेयर बाजार की चाल महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों जैसे कि परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI), व्यापार घाटा और आरबीआई की मौद्रिक नीति के मिनट्स पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, यूएस जॉब डेटा और अन्य अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतों का भी असर देखने को मिलेगा।“
लगातार गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी
बीते शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार आठवें दिन गिरावट दर्ज की गई। यह पिछले दो वर्षों में सबसे लंबी गिरावट रही।
- निफ्टी 50 102.15 अंक (-0.44%) गिरकर 22,929.25 पर बंद हुआ।
- सेंसेक्स 199.76 अंक (-0.26%) गिरकर 75,939.21 पर बंद हुआ।
पिछले हफ्ते निफ्टी 2.8% गिरा, जो कि इस साल का सबसे खराब सप्ताह रहा।
किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई?
- निफ्टी रियल्टी इंडेक्स: 9% से अधिक की गिरावट
- निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स: 6% की गिरावट
- निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स: कोविड-19 के बाद अब तक की सबसे बड़ी गिरावट
- निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स: 9.5% की गिरावट, यह भी कोविड-19 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट
वैश्विक कारकों का प्रभाव
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मिनट्स और यूएस जॉब डेटा पर निवेशकों की नजर रहेगी।
- अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के पीएमआई डेटा का भी असर बाजार पर दिख सकता है।
- वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के कारण विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी हुई है।
विदेशी और घरेलू निवेशकों की गतिविधियां
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की।
- घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 18,745 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार में कुछ स्थिरता बनी रही।
तकनीकी विश्लेषण: अगले सप्ताह बाजार का अनुमान
- निफ्टी 50 का महत्वपूर्ण स्तर: 23,260 – 23,300 (अगर यह स्तर पार होता है तो तेजी आ सकती है)।
- बैंक निफ्टी: 2.11% गिरावट के साथ बंद हुआ, 49,650 प्रमुख रुकावट का स्तर बना हुआ है।
निवेशकों के लिए रणनीति
- अगले सप्ताह सतर्कता जरूरी, क्योंकि कई बड़े आर्थिक आंकड़े जारी होंगे।
- लॉन्ग टर्म निवेशकों को गिरावट का फायदा उठाकर मजबूत कंपनियों के शेयर खरीदने पर ध्यान देना चाहिए।
- इंट्राडे और शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेसिस्टेंस स्तरों का ध्यान रखना होगा।
- बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है, इसलिए स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करें।
अगला हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। आरबीआई की मौद्रिक नीति, व्यापार घाटा, पीएमआई डेटा और वैश्विक आर्थिक संकेतक बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी बड़े फैसले से पहले बाजार की चाल को ध्यान से समझना चाहिए।
