भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में नई तेजी, निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी महत्वपूर्ण
“वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 31 जनवरी 2025 को संसद में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में भारत में फिजिकल, डिजिटल और सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। अब सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के माध्यम से इस प्रयास को और अधिक सशक्त बनाने की योजना बना रही है।“
इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश की आवश्यकता:
🔹 अगले दशक में देश की विकास आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश जरूरी।
🔹 वर्तमान पूंजीगत व्यय की तुलना में निवेश में वृद्धि की आवश्यकता।
🔹 सार्वजनिक पूंजी (Public Capital) के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी महत्वपूर्ण।
इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए पब्लिक और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट अनिवार्य
भारत सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन के लिए केवल पब्लिक इन्वेस्टमेंट पर निर्भर नहीं रह सकती। इसे देखते हुए, सरकार ने निजी क्षेत्र को अधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है।
📌 सरकार ने वित्त वर्ष 2020 से 2024 तक पूंजीगत व्यय में 38.8% की वृद्धि की।
📌 विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निजी क्षेत्र को भी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में योगदान देना होगा।
📌 सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन (सतत निर्माण) को बढ़ावा देने की आवश्यकता।
नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) का योगदान
सरकार ने नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) के तहत 111 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। यह योजना वित्त वर्ष 2020 से 2025 तक भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर को नया स्वरूप देने के लिए बनाई गई है।
🔹 NIP के तहत 37 सब-सेक्टरों में कुल 9,766 प्रोजेक्ट शामिल।
🔹 NIP-प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (PMG) पोर्टल से सभी प्रोजेक्ट्स की निगरानी।
🔹 सड़कों, रेलवे, बिजली और अन्य क्षेत्रों में मेगा प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा।
सरकार के इनोवेटिव कदम और निवेश आकर्षण रणनीति
सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए नए इनोवेटिव फ्रेमवर्क को अपना रही है। इसमें निम्नलिखित पहलें शामिल हैं:
📌 PPP मॉडल: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में निजी कंपनियों की भागीदारी।
📌 स्मार्ट सिटीज मिशन: शहरी विकास के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग।
📌 राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति: लॉजिस्टिक्स सेक्टर में सुधार और लागत में कमी।
📌 प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना: मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा।
कैसे बढ़ेगा भारत का इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश?
1️⃣ निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी
सरकार निजी कंपनियों को इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इससे सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों का लाभ होगा और निवेश में तेजी आएगी।
2️⃣ डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का होगा विस्तार
देश में 5G नेटवर्क, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठाए जाएंगे।
3️⃣ ग्रीन और सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन को बढ़ावा
पर्यावरण-संवेदनशील निर्माण तकनीकों और हरित ऊर्जा (Green Energy) को प्राथमिकता दी जाएगी।
4️⃣ इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में विदेशी निवेश
सरकार मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतियों को सरल बना रही है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 से यह स्पष्ट होता है कि भारत को अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को मजबूत करने के लिए भारी निवेश की जरूरत है।
📌 पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को अपनाने से निवेश में तेजी आएगी।
📌 सरकार की नई योजनाएं और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर से देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
📌 इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश के साथ डिजिटल और सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन को बढ़ावा दिया जाएगा।
