Israel War: लेबनान के समर्थन में अरब मुल्कों ने उठाई आवाज, इजरायल ने भी की तबाह करने की ठानी
मध्य पूर्व में इजरायल और हमास के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच, अब लेबनान भी इस युद्ध की चपेट में आ चुका है। लेबनान के हिजबुल्ला संगठन की सक्रियता और इजरायल के खिलाफ उसकी गतिविधियों के चलते स्थिति और गंभीर हो गई है। इस संघर्ष में अब अरब देशों ने लेबनान का खुलकर समर्थन करना शुरू कर दिया है, जबकि इजरायल ने इसे एक और बड़ा मोर्चा खोलने का संकेत दे दिया है।
1. अरब देशों की प्रतिक्रिया: लेबनान के समर्थन में बुलंद आवाज
संघर्ष बढ़ने के साथ ही अरब देशों ने लेबनान के समर्थन में खुलकर आवाज उठानी शुरू कर दी है। सऊदी अरब, ईरान, कतर, और अन्य अरब देशों ने इजरायल की सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए लेबनान की संप्रभुता और सुरक्षा का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इजरायल की आक्रामक नीतियों और सैन्य हमलों से पूरे क्षेत्र की शांति खतरे में पड़ गई है।
सऊदी अरब का बयान:
सऊदी अरब ने इस संघर्ष को खतरनाक बताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और शांति स्थापित करने का आह्वान किया है। साथ ही उसने लेबनान की सुरक्षा और उसकी जनता के अधिकारों का सम्मान करने की बात कही है।
ईरान की भूमिका:
ईरान, जो कि हिजबुल्ला का प्रमुख समर्थक है, ने इजरायल के खिलाफ अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उसने स्पष्ट किया है कि अगर इजरायल ने लेबनान पर आक्रमण किया, तो वह इसका कड़ा जवाब देगा। ईरान ने इस संघर्ष को “मुस्लिम दुनिया पर हमला” बताया है।
2. इजरायल की सैन्य कार्रवाई और हमले की तैयारी
लेबनान से हो रहे हिजबुल्ला के हमलों और इस संगठन की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए, इजरायल ने अपनी सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। इजरायली सेना ने लेबनान की सीमा पर अपने सैन्य बलों की तैनाती को बढ़ा दिया है और संकेत दिए हैं कि अगर हिजबुल्ला ने अपने हमले जारी रखे, तो वह लेबनान पर व्यापक हमला कर सकता है।
इजरायल की जवाबी कार्रवाई:
इजरायल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी प्रकार की चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। हिजबुल्ला के खिलाफ हवाई हमलों और सटीक मिसाइल हमलों की योजना बनाई जा रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है कि यदि लेबनान की धरती से हमला जारी रहता है, तो वह पूरे देश को तबाह करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
3. मध्य पूर्व में युद्ध का बढ़ता दायरा
इस संघर्ष के बढ़ते दायरे ने पूरे मध्य पूर्व को एक जटिल और खतरनाक स्थिति में धकेल दिया है। इजरायल और हमास के बीच पहले से ही जारी युद्ध में अब लेबनान और अरब देशों की भूमिका ने इसे और भी संवेदनशील बना दिया है। क्षेत्रीय ताकतों की भागीदारी से युद्ध के और फैलने का खतरा बढ़ गया है, जिससे वैश्विक शांति को भी चुनौती मिल रही है।
4. अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चिंता
संघर्ष के बढ़ते दायरे को देखते हुए, संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने और शांति प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की अपील की है। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने भी इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है और संघर्ष को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दिया है।
