महाकुंभ 2025: पीएम मोदी ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी, सूर्य पूजा कर किया मंत्रोच्चारण
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (बुधवार) महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान उन्होंने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री का यह स्नान आध्यात्मिक महत्व रखता है, जिसे देखने के लिए लाखों श्रद्धालु संगम तट पर उपस्थित थे।“
भगवा वस्त्र में दिखे पीएम मोदी, किया सूर्य पूजन
पीएम मोदी भगवा वस्त्र धारण किए हुए नजर आए।
5 मिनट तक सूर्य पूजा करते हुए गंगा में अर्घ्य दिया।
इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
संगम स्नान के लिए मोटर बोट से पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष मोटर बोट के जरिए संगम पहुंचे। दोनों नेता आमने-सामने बैठे और रास्ते में चर्चा करते दिखे। पीएम मोदी ने अकेले स्नान किया, इस दौरान कोई अन्य गणमान्य व्यक्ति उनके साथ नहीं था।
प्रयागराज में पीएम मोदी का भव्य स्वागत
प्रयागराज पहुंचने पर पीएम मोदी का स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने किया।
संगम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात किया गया था।
पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने विशेष सुरक्षा इंतजाम किए थे।
महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
बमरौली एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर द्वारा अरैल पहुंचे पीएम मोदी।
वहां से बोट के जरिए संगम क्षेत्र पहुंचे ताकि आम श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
महाकुंभ में 24×7 सुरक्षा और सुविधा प्रबंधन के तहत विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
पीएम मोदी की महाकुंभ यात्रा का महत्व
महाकुंभ 2025 में पीएम मोदी का यह पहला दौरा है। इससे पहले वे 13 दिसंबर 2024 को प्रयागराज आए थे, जब उन्होंने 5,500 करोड़ रुपये की 167 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया था।
2019 कुंभ के दौरान पीएम मोदी ने गंगा स्नान कर सफाई कर्मियों के पैर धोकर उनका सम्मान किया था।
महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं के लिए विशेष पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता मिशन और डिजिटल प्रबंधन जैसी योजनाएं लागू की गई हैं।
महाकुंभ 2025: अब तक लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
बुधवार सुबह 8 बजे तक 3.748 मिलियन (37 लाख 48 हजार) से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे।
10 लाख से अधिक कल्पवासी महाकुंभ में शामिल हो चुके हैं।
2.748 मिलियन तीर्थयात्री अब तक गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।
महाकुंभ 2025: दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक संगम
महाकुंभ 2025 का शुभारंभ – 13 जनवरी 2025 (पौष पूर्णिमा)
महाकुंभ का समापन – 26 फरवरी 2025 (महाशिवरात्रि)
महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम है, जहां करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पवित्र स्नान करते हैं।
यदि आप भी महाकुंभ में जाने की योजना बना रहे हैं, तो प्रयागराज में यातायात और सुरक्षा नियमों का पालन करें और संगम में आस्था की डुबकी लगाएं।
