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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल में आईआईएचटी के नए स्थायी परिसर का किया उद्घाटन

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के फुलिया में भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएचटी) के नए स्थायी परिसर का उद्घाटन किया। केंद्र सरकार ने इस अत्याधुनिक भवन के निर्माण के लिए 75.95 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी। यह भवन 5.38 एकड़ भूमि पर निर्मित है और इसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है।”

“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत किया पौधारोपण

उद्घाटन समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। इसके साथ ही सभी छह केंद्रीय आईआईएचटी के लिए एकीकृत वेबसाइट का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर “जैक्वार्ड बुनाई के लिए कंप्यूटर एडेड फिगर्ड ग्राफ डिजाइनिंग” नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

आईआईएचटी का उद्देश्य हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देना

भारत सरकार ने देश के हथकरघा केंद्रित क्षेत्रों में छह भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएचटी) स्थापित किए हैं। ये संस्थान सलेम, वाराणसी, गुवाहाटी, जोधपुर, बरगढ़ और फुलिया में स्थित हैं। इन संस्थानों का उद्देश्य हथकरघा उद्योग की तकनीकी जनशक्ति की आवश्यकताओं को पूरा करना और उद्योग की विशिष्ट पहचान को बनाए रखना है।

भवन में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध

नए परिसर में छात्रों के लिए कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, टेक्सटाइल टेस्टिंग लैब, टेक्सटाइल प्रोसेसिंग लैब, इलेक्ट्रॉनिक जैक्वार्ड से सुसज्जित वीविंग लैब, और जनरल इंजीनियरिंग लैब शामिल हैं।

हथकरघा उद्योग को मिलेगा नया आयाम

इस नए भवन के निर्माण से हथकरघा उद्योग को नई दिशा और गति मिलेगी। कपड़ा मंत्रालय के मुताबिक, यह पहल हथकरघा उद्योग की तकनीकी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। साथ ही, यह छात्रों और शोधकर्ताओं को नई तकनीकों से रूबरू कराएगा।

कपड़ा मंत्रालय का विजन

कपड़ा मंत्रालय ने बताया कि इस नई पहल से छात्रों को बेहतर शिक्षा और अनुसंधान के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही भारत के हथकरघा उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

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