देशराज्य

पीएम गति शक्ति योजना के तहत 8 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मिली हरी झंडी

प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) की 89वीं बैठक में सड़क, रेलवे और मेट्रो क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का आकलन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के संयुक्त सचिव पंकज कुमार ने की। बैठक में पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस एनएमपी) के अनुरूप मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

8 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, एनपीजी ने एकीकृत मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक एवं सामाजिक नोड्स के लिए अंतिम-मील कनेक्टिविटी और इंटरमॉडल समन्वय के सिद्धांतों के तहत कुल 8 परियोजनाओं को स्वीकृति दी। इनमें 4 सड़क परियोजनाएं, 3 रेलवे परियोजनाएं और 1 मेट्रो परियोजना शामिल हैं।

प्रमुख परियोजनाएं

  1. मेघालय: दारुगिरी से डालू तक दो लेन की सड़क
    • यह परियोजना एनएच-62 (अब एनएच-217) पर 136.11 किलोमीटर लंबी सड़क को दो लेन में अपग्रेड करेगी।
    • यह पूर्वी, दक्षिणी और पश्चिमी गारो हिल्स को जोड़ेगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
  2. ब्रह्मपुत्र नदी पर चार लेन की सुरंग
    • यह भारत की पहली पानी के नीचे सड़क सुरंग होगी, जो गोहपुर और नुमालीगढ़ को जोड़ेगी।
    • यात्रा समय को 6.5 घंटे से घटाकर 30 मिनट कर देगी और दूरी 240 किमी से घटकर 34 किमी रह जाएगी।
  3. असम: कलियाबोर-नुमालीगढ़ खंड को चार लेन में बदलना
    • एनएच-37/एनएच-715 के इस 85.67 किलोमीटर लंबे हिस्से को चार लेन में विस्तारित किया जाएगा।
    • इसमें काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षण के लिए विशेष वन्यजीव-अनुकूल उपाय किए जाएंगे।
  4. राजस्थान: म्याजलार से जैसलमेर तक दो लेन सड़क
    • 138.177 किलोमीटर लंबी यह सड़क एनएच-11 और एनएच-70 से जुड़ेगी।
    • यह क्षेत्रीय पर्यटन, सुरक्षा और सड़क नेटवर्क को मजबूत करेगी।
  5. महाराष्ट्र: बदलापुर-कर्जत तीसरी और चौथी रेल लाइन
    • 32.460 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से मुंबई-पुणे-चेन्नई रेल कॉरिडोर की भीड़ कम होगी।
    • यह बदलापुर, वांगनी, नेरल और कर्जत को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
  6. ओडिशा: नेरगुंडी से कटक तक चौथी रेल लाइन
    • 15.99 किलोमीटर लंबी इस रेलवे परियोजना से माल ढुलाई और यात्री परिवहन सुगम होगा।
    • पारादीप बंदरगाह और तालचेर कोयला क्षेत्रों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
  7. ओडिशा: हरिदासपुर से पारादीप तक दोहरीकरण रेलवे लाइन
    • 74.09 किलोमीटर लंबी यह परियोजना पारादीप बंदरगाह और कोयला क्षेत्रों को जोड़कर लॉजिस्टिक्स क्षमता में वृद्धि करेगी।
  8. गुजरात: राजकोट मेट्रो परियोजना
    • 41.11 किलोमीटर लंबी यह मेट्रो परियोजना राजकोट में भीड़भाड़ कम करेगी और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

पीएम गति शक्ति योजना के तहत इन 8 परियोजनाओं को मंजूरी देकर सरकार ने देश में बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय व्यापार, यात्री सुविधाओं और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत के विभिन्न हिस्सों में कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

Spread the love