प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा: एआई समिट की सह-अध्यक्षता और द्विपक्षीय वार्ता
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 12 फरवरी 2025 तक फ्रांस की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे, जहां वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे। इसके अलावा, वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिससे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिलेगा।“
एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता
🔹 पीएम मोदी 11 फरवरी को “एआई एक्शन समिट” के तीसरे संस्करण की सह-अध्यक्षता करेंगे, जिसकी मेजबानी पहले ब्रिटेन (2023) और दक्षिण कोरिया (2024) कर चुके हैं।
🔹 इस सम्मेलन में दुनियाभर के टेक सीईओ, वैज्ञानिक, नीति निर्माता और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक प्रभावों और नियमन पर चर्चा करेंगे।
🔹 भारत और फ्रांस इस मंच का उपयोग एआई नवाचार, अनुसंधान और नैतिक उपयोग पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए करेंगे।
भारत-फ्रांस द्विपक्षीय वार्ता और सीईओ फोरम
🔸 पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों 11 फरवरी को भारत-फ्रांस सीईओ फोरम को संबोधित करेंगे, जिसमें व्यापारिक और निवेश संबंधों पर चर्चा होगी।
🔸 दोनों नेता रणनीतिक, रक्षा, व्यापार, अक्षय ऊर्जा, और विज्ञान एवं तकनीकी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर वार्ता करेंगे।
🔸 इससे पहले, जी20 शिखर सम्मेलन (नवंबर 2024, रियो डी जेनेरो) और जी7 बैठक (जून 2024, इटली) में दोनों नेताओं की मुलाकात हो चुकी है।
मार्सिले में भारत-फ्रांस सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को मजबूती
🔹 11 फरवरी की शाम, पीएम मोदी मार्सिले जाएंगे, जहां राष्ट्रपति मैक्रों उनके सम्मान में एक विशेष रात्रिभोज का आयोजन करेंगे।
🔹 12 फरवरी को, दोनों नेता प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए मजारग्यूज युद्ध कब्रिस्तान का दौरा करेंगे।
🔹 मार्सिले में भारत के नए महावाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया जाएगा, जिसकी घोषणा पीएम मोदी ने 2023 की अपनी फ्रांस यात्रा के दौरान की थी। यह नया दूतावास भारत-फ्रांस संबंधों को और मजबूत करेगा और दक्षिणी यूरोप में व्यापारिक अवसरों को बढ़ाएगा।
पीएम मोदी की यात्रा क्यों महत्वपूर्ण है?
✅ भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।
✅ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग मजबूत होगा।
✅ रक्षा, व्यापार और निवेश को लेकर अहम समझौते हो सकते हैं।
✅ फ्रांस में बसे भारतीय समुदाय और व्यापारिक प्रतिनिधियों से बातचीत होगी।
✅ नए दूतावास के उद्घाटन से दक्षिणी यूरोप में भारत की उपस्थिति मजबूत होगी।
