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पुणे में होगी 27वीं पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक, गृह मंत्री अमित शाह करेंगे अध्यक्षता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार, 24 फरवरी को महाराष्ट्र के पुणे में 27वीं पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद (Western Zonal Council) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्यों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाना, विवादों को हल करना और सहकारी संघवाद को मजबूत करना है। बैठक में महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

बैठक के प्रमुख एजेंडे:

राज्यों के बीच बुनियादी ढांचे, खनन, जल आपूर्ति और पर्यावरण से जुड़े विवादों का समाधान।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की प्रगति और सरकारी योजनाओं की समीक्षा।
टेलीकॉम और इंटरनेट के विस्तार से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा।
राज्य पुनर्गठन और सहकारी संघवाद को मजबूत बनाने पर जोर।
महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम और न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSCs) की स्थापना।
हर गांव में बैंकिंग सुविधा और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक को बढ़ावा देने के उपाय।
स्कूली बच्चों की ड्रॉपआउट दर कम करने और पोषण अभियान (Poshan Abhiyan) को प्रभावी बनाने के कदम।
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) में सरकारी अस्पतालों की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास।

बैठक में शामिल होने वाले वरिष्ठ नेता और अधिकारी

इस बैठक का आयोजन गृह मंत्रालय के अंतर-राज्यीय परिषद सचिवालय और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। बैठक में निम्नलिखित नेता और अधिकारी शामिल होंगे:

महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के मुख्यमंत्री।
प्रत्येक राज्य के दो वरिष्ठ मंत्री और मुख्य सचिव।
केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक और वरिष्ठ अधिकारी।
केंद्रीय गृह सचिव और अंतर-राज्यीय परिषद सचिवालय के अधिकारी।
केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी।

पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की भूमिका और महत्व

पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद (Western Zonal Council) भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन एक महत्वपूर्ण संगठन है। इसका गठन 1956 में राज्यों के पुनर्गठन के दौरान किया गया था, ताकि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके और अंतरराज्यीय विवादों को हल किया जा सके।

पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद के सदस्य:
महाराष्ट्र
गुजरात
गोवा
केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव

पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद का उद्देश्य:
राज्यों के आपसी विवादों का समाधान करना।
सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना।
राज्यों के बीच प्रशासनिक और नीतिगत समन्वय बढ़ाना।
केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना।

महत्वपूर्ण मुद्दे जिन पर चर्चा होगी

राज्यों के बुनियादी ढांचे का विकास
बैठक में राज्यों के सड़क, रेल और जल परिवहन को मजबूत करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा होगी।

पर्यावरण संरक्षण और जल आपूर्ति
जल संकट को दूर करने और राज्यों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाई जाएगी।

खनन और औद्योगिक विकास
खनन क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियों का निर्धारण किया जाएगा।

डिजिटल और टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर
सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और टेलीकॉम कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए विशेष चर्चा होगी।

महिला एवं बाल कल्याण
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच तेज करने, फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना और कुपोषण को रोकने के लिए विशेष योजनाओं पर निर्णय लिया जाएगा।

आयुष्मान भारत योजना
सरकारी अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के तहत और अधिक प्रभावी बनाने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।

स्कूली शिक्षा और ड्रॉपआउट दर में कमी
स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को कम करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य सरकारों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। इस बैठक में राज्यों के बीच आपसी समन्वय, विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा होगी।

गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यह बैठक सहकारी संघवाद को मजबूत बनाने और अंतरराज्यीय विवादों को हल करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगी। इसके अलावा, डिजिटल इंडिया, वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे।

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