रमजान का शुभारंभ, देशभर में इबादत और सौहार्द का माहौल
इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना रमजान शुरू हो गया है। शनिवार शाम चांद दिखने के बाद रविवार से इस इबादत और रोजों के पाक महीने की शुरुआत हुई। रमजान को आत्मसंयम, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर देशभर में इबादत और सौहार्द का माहौल देखने को मिल रहा है।
राजनीतिक नेताओं ने दी रमजान की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रमजान की बधाई देते हुए लिखा,
“रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। उम्मीद है कि यह हमारे समाज में शांति और सद्भाव लेकर आएगा। यह पवित्र महीना चिंतन, कृतज्ञता और भक्ति का प्रतीक है, साथ ही हमें करुणा, दया और सेवा के मूल्यों की याद दिलाता है। रमजान मुबारक!”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी रमजान की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने संदेश में लिखा,
“रमजान मुबारक! यह पवित्र महीना आपके जीवन को खुशियों से भर दे और आपके दिल में शांति लाए।”
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,
“सभी को रमजान की दिली मुबारकबाद।”
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी रमजान की बधाई दी और लोगों के सुख-समृद्धि की कामना की।
रमजान का महत्व और इसकी परंपराएँ
रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसे मुसलमान पूरे विश्व में रोजा रखकर (उपवास) मनाते हैं। इस दौरान वे सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं, जिसे रोजा कहा जाता है। रमजान आत्मसंयम, संयमित आचरण और गरीबों की मदद के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश देता है। यह महीना धैर्य, इबादत और भलाई के कार्यों पर जोर देता है।
रमजान की प्रमुख परंपराएँ
- सहरी: सूर्योदय से पहले भोजन (सहरी) कर उपवास की शुरुआत।
- इफ्तार: सूर्यास्त के बाद विशेष दुआ के साथ रोजा खोलना।
- तरावीह नमाज: रमजान की रातों में विशेष नमाज पढ़ी जाती है।
- जकात: जरूरतमंदों को दान देना, जिसे इस्लाम में पुण्यकारी माना जाता है।
- लैलतुल क़द्र: रमजान की आखिरी दस रातों में से एक, जिसे इस्लाम में सबसे पाक रात माना जाता है।
रमजान के बाद आता है ईद-उल-फितर
रमजान के तीस रोजों के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन मुसलमान एक-दूसरे को बधाइयाँ देते हैं, नमाज अदा करते हैं और अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशियाँ मनाते हैं। ईद के दिन विशेष रूप से सिवईं और अन्य मीठे पकवान बनाए जाते हैं, जो इस पर्व की खास पहचान हैं।
रमजान सिर्फ उपवास रखने का महीना नहीं, बल्कि आत्मसंयम, आध्यात्मिक शुद्धता और समाज सेवा का संदेश भी देता है। यह महीना शांति, सौहार्द, दान और भलाई के कार्यों को प्रोत्साहित करता है। देशभर में लोग इस पवित्र महीने का स्वागत श्रद्धा और उल्लास के साथ कर रहे हैं।
