देशराज्य

महाकुंभ 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संगम स्नान और पूजन-अर्चन

प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे। संगम स्नान के पश्चात उन्होंने अक्षयवट, सरस्वती कूप और बड़े हनुमान मंदिर के दर्शन किए और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।

राष्ट्रपति मुर्मू का प्रयागराज दौरा – मुख्य आकर्षण

त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान और आरती
अक्षयवट, सरस्वती कूप और बड़े हनुमान मंदिर के दर्शन
डिजिटल महाकुंभ अनुभव केंद्र का अवलोकन
क्रूज पर नौका विहार और पक्षियों को दाना खिलाया

संगम में स्नान और पूजन-अर्चन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संगम तट पर पहुँचकर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने संस्कृति और धर्म के इस संगम स्थल पर वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की और संगम की विशेष आरती भी उतारी।

त्रिवेणी संगम स्नान का महत्व:
हिंदू धर्म में संगम स्नान को मोक्षदायी और पुण्यफलदायी माना जाता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, यहाँ स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और आत्मा शुद्ध होती है।

🔹 अक्षयवट और सरस्वती कूप के दर्शन

अक्षयवट:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अक्षयवट का दर्शन-पूजन किया, जिसे अमरता का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में इसकी विशेष मान्यता है और इसे देखने मात्र से ही व्यक्ति को शुभ फल की प्राप्ति होती है।

सरस्वती कूप:
इसके बाद उन्होंने सरस्वती कूप के दर्शन किए, जिसे सरस्वती नदी के प्रवाह का प्रमाण माना जाता है। यह कूप त्रिवेणी संगम के समीप स्थित है और इसकी धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता है।

बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजा

राष्ट्रपति मुर्मू ने बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन किए और पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर के महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने पूरे विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया और राष्ट्रपति को मंदिर की प्रतिकृति भेंट की।

बड़े हनुमान मंदिर का महत्व:
यहां स्थित विशाल लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
मान्यता है कि यहाँ हनुमान जी का दर्शन करने से सभी संकट दूर होते हैं

डिजिटल महाकुंभ अनुभव केंद्र का अवलोकन

राष्ट्रपति मुर्मू ने डिजिटल महाकुंभ अनुभव केंद्र का भी दौरा किया। यहाँ श्रद्धालुओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से महाकुंभ मेले की जानकारी दी जा रही है।

डिजिटल महाकुंभ का उद्देश्य:
श्रद्धालुओं को महाकुंभ के इतिहास, संस्कृति और परंपराओं की विस्तृत जानकारी देना।
डिजिटल माध्यमों से महाकुंभ की दिव्यता को और अधिक सुलभ बनाना
पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डिजिटल पहल को बढ़ावा देना।

राष्ट्रपति ने डिजिटल अनुभव केंद्र का अवलोकन कर इसकी सराहना की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें इस केंद्र की विशेषताओं से अवगत कराया।

क्रूज यात्रा और पक्षियों को दाना खिलाया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने क्रूज पर नौका विहार का आनंद लिया और संगम के नज़ारे देखे। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से पक्षियों को दाना खिलाया, जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना।

क्रूज यात्रा की प्रमुख बातें:
प्रयागराज में पहली बार क्रूज सेवा शुरू की गई है।
श्रद्धालु संगम क्षेत्र में क्रूज से यात्रा कर सकते हैं
यह सेवा महाकुंभ 2025 के दौरान विशेष रूप से संचालित की जा रही है

प्रयागराज में भव्य स्वागत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जब प्रयागराज पहुंचीं, तो राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका भव्य स्वागत किया।

राष्ट्रपति के आगमन का क्रम:
प्रयागराज पहुँचने पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने स्वागत किया
राष्ट्रपति अरैल घाट से क्रूज के जरिए संगम पहुंचीं
उन्होंने त्रिवेणी संगम में स्नान कर पूजा-अर्चना की
इसके बाद अक्षयवट, सरस्वती कूप और बड़े हनुमान मंदिर के दर्शन किए


महाकुंभ 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संगम स्नान और पूजन भारत की सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की महत्ता को दर्शाता है। उनका यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि डिजिटल युग में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से महाकुंभ के अनुभव को और सुलभ बनाने की दिशा में भी एक कदम था

मुख्य संदेश:
महाकुंभ 2025 में राष्ट्रपति की सहभागिता ने आयोजन की भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाया
डिजिटल महाकुंभ अनुभव केंद्र ने आध्यात्मिकता को आधुनिक तकनीक से जोड़ा
क्रूज यात्रा और पक्षियों को दाना खिलाने से पर्यावरण और आध्यात्मिकता का संदेश मिला

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