गणतंत्र दिवस 2025: राष्ट्रपति मुर्मु ने फहराया तिरंगा, इंडोनेशिया के जवान भी परेड में शामिल
“राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराया। 21 तोपों की सलामी के साथ इस भव्य समारोह की शुरुआत हुई। इस बार समारोह में इंडोनेशिया के जवानों और उनके राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को और भी खास बना दिया।”
पारंपरिक बग्गी में हुआ राष्ट्रपति का आगमन
40 वर्षों से बंद एक परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए, दोनों राष्ट्रपतियों को भारतीय सेना की वरिष्ठ रेजिमेंट ‘राष्ट्रपति के अंगरक्षक’ द्वारा कर्तव्य पथ तक पारंपरिक बग्गी में लाया गया। यह दृश्य समारोह की भव्यता को चार चांद लगा रहा था।
प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति का स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ का भी प्रधानमंत्री ने कर्तव्य पथ पर स्वागत किया। राष्ट्रगान के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और इसके बाद स्वदेशी 105-एमएम लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई।
संविधान के 75 वर्ष और ‘जन भागीदारी’ पर जोर
इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर केंद्रित था। आयोजन का मुख्य विषय ‘जन भागीदारी’ रहा, जो भारतीय लोकतंत्र की ताकत और समर्पण को दर्शाता है।
भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन
सांस्कृतिक मंत्रालय के 300 कलाकारों ने वाद्य यंत्र बजाते हुए “सारे जहां से अच्छा” की धुन प्रस्तुत की। शहनाई, नादस्वरम, मशक बीन, बांसुरी, शंख और ढोल जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को प्रस्तुत किया गया।
इंडोनेशिया की सैन्य टुकड़ी और बैंड
समारोह में 152 सदस्यों वाली इंडोनेशियाई राष्ट्रीय सशस्त्र बलों की मार्चिंग टुकड़ी और 190 सदस्यों वाली इंडोनेशिया की सैन्य अकादमी का सैन्य बैंड ने भाग लिया। यह पहली बार था जब इंडोनेशिया के जवान किसी विदेशी परेड का हिस्सा बने।
समारोह का सार
गणतंत्र दिवस 2025 का यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और लोकतांत्रिक आदर्शों का प्रतीक रहा। यह आयोजन देश की एकता और विकास की दिशा में एक और कदम साबित हुआ।
