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ट्राई ने स्पैम कॉल और एसएमएस पर कसा शिकंजा, टेलीकॉम कंपनियों पर लगेगा भारी जुर्माना

भारत सरकार ने अनचाही वाणिज्यिक संचार (यूसीसी) यानी स्पैम कॉल और एसएमएस से निपटने के लिए नए सख्त नियम लागू किए हैं। सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को स्पैम कॉल और एसएमएस से बचाना और टेलीकॉम कंपनियों की जवाबदेही तय करना है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशंस (TCCCPR), 2018 में संशोधन किए हैं, ताकि टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग को रोका जा सके।

नए नियमों का उद्देश्य और जुर्माने की राशि

ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वे अनचाही कॉल और मैसेज को रोकने के लिए नए नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
टेलीकॉम कंपनियों पर निम्नलिखित तरीके से जुर्माना लगेगा:
पहला उल्लंघन: ₹2 लाख तक का जुर्माना
दूसरा उल्लंघन: ₹5 लाख तक का जुर्माना
बार-बार उल्लंघन: ₹10 लाख तक का जुर्माना

यह वित्तीय हतोत्साहन (Financial Disincentive – FD) न केवल पंजीकृत (Registered) बल्कि अपंजीकृत (Unregistered) सेंडर्स पर भी लागू होगा

ट्राई के नए नियमों में क्या बदलाव हुए हैं?

1. उपभोक्ता की शिकायतें दर्ज कराना हुआ आसान

अब ग्राहक बिना किसी पंजीकरण के भी स्पैम कॉल और एसएमएस की शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें सिर्फ शिकायतकर्ता की संख्या, स्पैम कॉल/मैसेज भेजने वाले की जानकारी और स्पैम प्राप्ति की तारीख दर्ज करनी होगी

2. शिकायत दर्ज कराने की समय सीमा बढ़ी

पहले ग्राहक को स्पैम कॉल/मैसेज की शिकायत 3 दिनों के भीतर दर्ज करानी होती थी, लेकिन अब यह समय सीमा 7 दिन कर दी गई है

3. एक्सेस प्रोवाइडर्स को तत्काल कार्रवाई करनी होगी

पहले स्पैम कॉल और मैसेज भेजने वालों के खिलाफ कार्रवाई की समय सीमा 30 दिन थी, जिसे घटाकर 5 दिन कर दिया गया है
अब टेलीकॉम ऑपरेटरों को 5 दिनों के भीतर शिकायतों पर कार्रवाई करनी होगी और अनियमितताओं को रोकना होगा।

4. अपंजीकृत सेंडर्स पर होगी सख्त कार्रवाई

अब अपंजीकृत सेंडर्स द्वारा भेजे गए स्पैम कॉल और एसएमएस को रोकने के लिए कड़े मानदंड लागू किए गए हैं
एक्सेस प्रोवाइडर्स को ऐसे सेंडर्स पर निगरानी रखनी होगी और उल्लंघन करने वालों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा

उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?

स्पैम कॉल और एसएमएस में कमी आएगी।
उपभोक्ताओं को टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने में आसानी होगी।
टेलीकॉम ऑपरेटरों को अधिक जिम्मेदार बनाया जाएगा।
ग्राहकों की प्राइवेसी और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
स्पैम कॉल्स के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी के मामलों में कमी आएगी।

सरकार की क्या है मंशा?

दूरसंचार मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य वैध वाणिज्यिक संचार को केवल पंजीकृत कंपनियों के माध्यम से संचालित करना है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि:

ग्राहकों की सहमति के बिना कोई अनचाही कॉल या एसएमएस न भेजा जाए।
बैंकिंग, इंश्योरेंस, ई-कॉमर्स, और अन्य कंपनियों के प्रमोशनल मैसेज सिर्फ पंजीकृत प्लेटफॉर्म से भेजे जाएं।
स्पैम कॉलिंग के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर रोक लगाई जाए।

ट्राई द्वारा लागू किए गए नए नियम टेलीकॉम कंपनियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं
स्पैम कॉल और एसएमएस पर शिकंजा कसने के लिए पहली बार इतनी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
टेलीकॉम कंपनियों को अब ग्राहकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करनी होगी अन्यथा उन्हें भारी जुर्माना देना होगा।
उपभोक्ताओं को भी अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है और स्पैम कॉल्स/एसएमएस की शिकायत दर्ज करानी चाहिए

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