महाराष्ट्र में 23 नवंबर से शुरू होगा ‘म्यूजिकल चेयर’, सीएम पोस्ट के लिए महायुति और MVA में होगा असली ‘खेल’
महाराष्ट्र की राजनीति में 23 नवंबर से एक नई और रोमांचक राजनीतिक साजिश का आरंभ होने जा रहा है, जब मुख्यमंत्री पद को लेकर महायुति (शिवसेना-बीजेपी गठबंधन) और MVA (महाविकास अघाड़ी) के बीच एक गहरा और सख्त मुकाबला देखने को मिलेगा। महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में इसे “म्यूजिकल चेयर” के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें दोनों गठबंधन एक-दूसरे को सत्ता के लिए चुनौती देंगे।
महायुति और MVA के बीच सीएम पद की जंग
- महायुति: महाराष्ट्र में सत्ता में वापसी करने के लिए बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन महायुति का हिस्सा है। इस गठबंधन के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बीजेपी मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी के रूप में देवेंद्र फडणवीस को मजबूत मान रही है, जबकि शिवसेना के भीतर इस पद को लेकर उद्धव ठाकरे का दबदबा हो सकता है।
- MVA (महाविकास अघाड़ी): दूसरी तरफ, NCP (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) और कॉंग्रेस के साथ मिलकर महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (MVA) की गठबंधन सरकार का गठन हुआ था, जिसमें उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया था, लेकिन बाद में सत्ता में उलटफेर हुआ था। इस बार, MVA के नेता मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी उम्मीदवारी को लेकर तैयार हैं, और दोनों प्रमुख दलों (NCP और कांग्रेस) में इस पर गहमा-गहमी है।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में क्या है खास?
- सीएम पद के लिए मुकाबला: 23 नवंबर से लेकर आगामी कुछ दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में सीएम पद को लेकर तीव्र प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। बीजेपी और शिवसेना के बीच अंदरुनी राजनीति और NCP– कॉंग्रेस के नेतृत्व में होने वाली जुगाड़बाजी इस खेल को और रोमांचक बना देंगे।
- बैलेंस ऑफ पावर: महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना दोनों ही शक्तिशाली राजनीतिक दल हैं, लेकिन शिवसेना का अलग होने के बाद, बीजेपी और शिवसेना के अंदर के गठबंधन को लेकर कुछ अस्पष्टता बनी हुई है। वहीं, MVA के भीतर भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में अजित पवार और सुनील तटकरे जैसे नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं।
- मनोबल और रणनीति: हर गठबंधन अपनी रणनीतियों और मनोबल को बनाए रखने के लिए प्रयासरत रहेगा। बीजेपी और शिवसेना के नेताओं का यह मानना है कि वे किसी भी तरह से सत्ता में लौट सकते हैं, जबकि MVA अपने पुराने सहयोगियों के साथ गठबंधन को फिर से एकजुट करने के प्रयासों में जुटी है।
राजनीतिक खेल में अब तक के घटनाक्रम:
- 2019 चुनावों का असर: 2019 विधानसभा चुनावों के बाद महाराष्ट्र में सत्ता की गहमा-गहमी बहुत बढ़ गई थी। पहले शिवसेना और बीजेपी ने गठबंधन किया, लेकिन फिर शिवसेना ने बीजेपी से अलग होकर MVA के साथ सरकार बनाई थी। बाद में, इस गठबंधन में तनाव और विवादों के कारण ठाकरे सरकार गिर गई थी।
- मुश्किलें और समाधान: अब दोनों प्रमुख गठबंधन इस बार मुख्यमंत्री पद को लेकर नए समीकरण तैयार करने में लगे हैं। इनकी रणनीतियों का असर आगामी विधानसभा चुनावों और महाराष्ट्र की राजनीतिक दिशा पर पड़ेगा।
