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राजस्थान में शीतलहर का कहर: माउंट आबू बर्फ से ढका, कई शहरों में विजिबिलिटी 30 मीटर से कम

“राजस्थान इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्र माउंट आबू ने बर्फबारी के कारण सफेद चादर ओढ़ ली है। वहीं, जयपुर, कोटा, और बीकानेर जैसे कई शहरों में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रह गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।”

  1. माउंट आबू में बर्फबारी: माउंट आबू, राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन, इस मौसम की सबसे भीषण ठंड झेल रहा है। यहां का तापमान माइनस 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, और पूरी पहाड़ी बर्फ की चादर से ढकी हुई है। पर्यटक इस दुर्लभ दृश्य का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
  2. राज्यभर में घना कोहरा: जयपुर, अजमेर, कोटा, और बीकानेर जैसे शहरों में घने कोहरे ने यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। ट्रेनों और विमानों की आवाजाही में देरी हो रही है, और सड़कों पर वाहन धीमी गति से चल रहे हैं।
  3. किसानों के लिए चुनौती: शीतलहर का असर फसलों पर भी देखा जा रहा है। गेहूं, सरसों, और चने की फसलों पर पाला पड़ने की आशंका से किसान चिंतित हैं।
  4. प्रशासन की तैयारी: सरकार और स्थानीय प्रशासन ने ठंड से प्रभावित लोगों की मदद के लिए रैन बसेरों और राहत शिविरों की व्यवस्था की है। साथ ही, सड़कों पर गश्त बढ़ाई गई है ताकि कोई भी बेघर व्यक्ति ठंड के कारण प्रभावित न हो।
  5. सामाजिक संगठनों की मदद: कई एनजीओ और स्वयंसेवी संगठन भी ठंड में जरूरतमंदों को कंबल, गर्म कपड़े और भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में यह ठंड का प्रकोप अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। राज्य के उत्तरी हिस्सों में शीतलहर और कोहरे के कारण तापमान और गिर सकता है।

लोगों की प्रतिक्रिया:

स्थानीय निवासी ठंड से बचने के लिए अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं। वहीं, माउंट आबू में बर्फबारी ने पर्यटकों के लिए इसे खास आकर्षण बना दिया है।

राजस्थान में इस साल की शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रशासन को इस स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव उपाय करने की आवश्यकता है। वहीं, पर्यटकों के लिए माउंट आबू की बर्फबारी एक दुर्लभ अनुभव बनकर उभरी है।

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