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भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बायोफ्यूल उत्पादक, इथेनॉल ब्लेंडिंग में तेजी

भारत ने ग्लोबल एनर्जी लैंडस्केप में अपनी स्थिति को मजबूत किया है और तीसरे सबसे बड़े बायोफ्यूल उत्पादक के रूप में उभरकर स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा की दिशा में बड़ी प्रगति की है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस उपलब्धि की जानकारी दी।

19.6% इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल, 20% के करीब

भारत ने जनवरी 2024 तक पेट्रोल में 19.6% इथेनॉल ब्लेंडिंग प्राप्त कर ली है।
सरकार 2030 के मूल लक्ष्य से 5 साल पहले ही 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
इससे ईंधन आयात और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी

इथेनॉल ब्लेंडिंग से किसानों को लाभ और पर्यावरणीय फायदे

पिछले 10 वर्षों में इथेनॉल ब्लेंडिंग से किसानों की आय में वृद्धि हुई है, क्योंकि यह गन्ने से तैयार किया जाता है।
इस पहल से 1.75 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर CO2 उत्सर्जन में कमी आई है।
85,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचत भी संभव हुई है।

तेल कंपनियों की भागीदारी और इथेनॉल प्लांट्स की विस्तार योजना

इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम इस प्रयास में सबसे आगे हैं। 131 समर्पित इथेनॉल प्लांट्स के साथ समझौते किए गए हैं, जिनसे 745 करोड़ लीटर की वार्षिक उत्पादन क्षमता जुड़ेगी। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने हाई ब्लेंडिंग प्रतिशत को संभालने के लिए स्टोरेज और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया है।

देशभर में ई 100 ईंधन की उपलब्धता

400 से अधिक आउटलेट पर ई 100 ईंधन उपलब्ध है, जो भारत को स्वच्छ ऊर्जा की ओर ले जा रहा है। मार्च 2024 में हरदीप पुरी ने इंडियन ऑयल के 183 आउटलेट्स पर इथेनॉल (E) 100 ईंधन लॉन्च कियाइथेनॉल 100 उच्च-प्रदर्शन इंजनों के लिए बेहतर दक्षता और बिजली उत्पादन सुनिश्चित करता है

भारत की इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति ने न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है बल्कि पर्यावरण और किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित हुई है। 2024 में 19.6% ब्लेंडिंग तक पहुंचने के साथ, भारत 2025 तक 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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