आईटीईआर संयंत्र पहुंचे पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों, भारत-फ्रांस साझेदारी को मिलेगी मजबूती
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को कैडारैचे स्थित इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर (आईटीईआर) संयंत्र का दौरा किया। यह दौरा वैश्विक स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा और फ्यूजन ऊर्जा सहयोग को लेकर भारत-फ्रांस साझेदारी को नई दिशा देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।“
आईटीईआर के महानिदेशक पिएत्रो बारबास्ची ने दोनों नेताओं का संयंत्र में स्वागत किया। यह पहली बार था जब किसी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख ने आईटीईआर संयंत्र का दौरा किया।
आईटीईआर: दुनिया की सबसे महत्वाकांक्षी ऊर्जा परियोजना
क्या है आईटीईआर परियोजना?
आईटीईआर (International Thermonuclear Experimental Reactor) दुनिया की सबसे महत्वाकांक्षी संलयन ऊर्जा (फ्यूजन पावर) परियोजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य 500 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करना है।
यह परियोजना सात सदस्य देशों (भारत, फ्रांस, अमेरिका, चीन, रूस, जापान और दक्षिण कोरिया) की भागीदारी से चल रही है।
🇮🇳 भारत की भूमिका
भारत पिछले दो दशकों से इस परियोजना में अहम योगदान दे रहा है।
- 200 भारतीय वैज्ञानिक और सहयोगी इस परियोजना में काम कर रहे हैं।
- एलएंडटी, आईनॉक्स इंडिया, टीसीएस, टीसीई और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां इससे जुड़ी हुई हैं।
- भारत ने आईटीईआर टोकामक असेंबली में भी योगदान दिया है।
टोकामक असेंबली का महत्व
टोकामक (Tokamak) एक ऐसा उपकरण है, जिसमें संलयन (Fusion) की प्रक्रिया के तहत प्लाज्मा को गर्म करके ऊर्जा उत्पन्न की जाती है। इसे नियंत्रित करके 500 मेगावाट तक की ऊर्जा उत्पन्न की जाएगी।
पीएम मोदी ने किया CMA-CGM के नियंत्रण कक्ष का दौरा
आईटीईआर संयंत्र के दौरे के बाद पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने मार्सिले में फ्रांस की प्रमुख शिपिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनी CMA-CGM के नियंत्रण कक्ष का भी दौरा किया।
🔹 भारत-फ्रांस लॉजिस्टिक्स सहयोग
- CMA-CGM एक वैश्विक शिपिंग दिग्गज कंपनी है, जो समुद्री व्यापार, बंदरगाह संचालन, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और भंडारण में कार्यरत है।
- भारत मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के संदर्भ में इस कंपनी के साथ सहयोग बढ़ा सकता है।
पीएम मोदी का बयान
पीएम मोदी ने इस दौरे के बारे में ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट किया:
“मार्सिले में समुद्री संबंधों को मजबूत करना! राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और मैंने शिपिंग और लॉजिस्टिक्स में अग्रणी CMA-CGM के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। हम लॉजिस्टिक्स, स्थिरता और वैश्विक व्यापार में भारत-फ्रांस सहयोग को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे बेहतर समुद्री भविष्य का निर्माण हो सके।”
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC)
🔹 IMEC क्या है?
- IMEC (India-Middle East-Europe Corridor) भारत, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, इटली, सऊदी अरब, यूएई और अमेरिका द्वारा सितंबर 2023 में शुरू किया गया था।
- यह एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप को आपस में जोड़ने वाला एक प्रमुख आर्थिक गलियारा है।
- इसमें दो गलियारे शामिल हैं:
- पूर्वी गलियारा: भारत को खाड़ी देशों से जोड़ेगा।
- उत्तरी गलियारा: खाड़ी देशों को यूरोप से जोड़ेगा।
IMEC के तहत भारत और फ्रांस मिलकर वैश्विक व्यापार नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
🔹 आईटीईआर संयंत्र में भारत की बढ़ती भूमिका
- भारत के वैज्ञानिक और उद्योग जगत की भागीदारी से यह परियोजना फ्यूजन ऊर्जा में एक नई क्रांति लाने की क्षमता रखती है।
- फ्रांस के साथ यह साझेदारी, भारत की ‘ग्रीन एनर्जी’ नीति के तहत ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी।
🔹 वैश्विक लॉजिस्टिक्स में भारत-फ्रांस सहयोग
- CMA-CGM के साथ भारत का सहयोग समुद्री व्यापार को बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में मदद करेगा।
- IMEC के तहत भारत-मध्य पूर्व-यूरोप गलियारा वैश्विक व्यापार के लिए एक नया मार्ग तैयार करेगा।
भविष्य की राह
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की यह बैठक वैश्विक ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और समुद्री व्यापार में भारत-फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करेगी।
