राष्ट्रीय बालिका दिवस 2025: बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संकल्प
“राष्ट्रीय बालिका दिवस 2025 के अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बेटियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समाज से बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति संकल्पबद्ध बनने की अपील की।“
अन्नपूर्णा देवी का संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक संदेश में केंद्रीय मंत्री ने लिखा, “राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सभी बेटियों को उज्जवल भविष्य की अनंत शुभकामनाएं। आइए, आज इस अवसर पर हम बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण हेतु संकल्पबद्ध बनें।” उन्होंने यह भी कहा, “बालिका देवो भव:। इस अवसर पर हम यह सुनिश्चित करें कि हर बालिका को उसके सपनों को पूरा करने का अवसर मिले और एक ऐसा वातावरण बने, जहां वे स्वतंत्र और सशक्त महसूस कर सकें।”
राष्ट्रीय बालिका दिवस का उद्देश्य
भारत में हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 2008 में शुरू किए गए इस दिवस का उद्देश्य:
- लड़कियों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
- लिंगभेद को खत्म करना और बेटियों को समान अवसर प्रदान करना।
- कन्या भ्रूण हत्या और घटते लिंग अनुपात जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करना।
- समाज को बेटियों को समान और सम्मानजनक दृष्टि से देखने के लिए प्रेरित करना।
लड़कियों के लिए एक समावेशी समाज का निर्माण
राष्ट्रीय बालिका दिवस न केवल लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देता है बल्कि उनके सशक्तिकरण के लिए भी प्रतिबद्ध है। यह दिन बेटियों द्वारा झेली जाने वाली असमानताओं को उजागर करता है और समाज को उनके प्रति अपनी सोच बदलने के लिए प्रेरित करता है।
सशक्त भारत की दिशा में कदम
यह दिवस हमें यह याद दिलाता है कि लड़कियां हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। उनके अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें समान अवसर देना एक सशक्त भारत की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।
