सऊदी अरब में रूस-अमेरिका वार्ता शुरू, यूक्रेन को नहीं किया आमंत्रित
“ सऊदी अरब की राजधानी रियाद में रूस और अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर वार्ता शुरू हो गई है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस बैठक में शामिल हैं। हालांकि, इस वार्ता में यूक्रेन को आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की नाराज हैं।“
बैठक में केवल रूस और अमेरिका के प्रतिनिधि शामिल हुए।
अमेरिका का दावा – रूस की शांति वार्ता को लेकर गंभीरता की जांच की जा रही है।
रूस का बयान – अमेरिका के साथ संबंध सामान्य करने के लिए बैठक आयोजित।
यूरोपीय नेताओं ने पेरिस में आपातकालीन बैठक की।
यूक्रेन को वार्ता से बाहर रखने पर जेलेंस्की की नाराजगी
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि वह उन किसी भी समझौतों को स्वीकार नहीं करेंगे, जिनमें उनकी सरकार शामिल नहीं होगी। उनका मानना है कि बिना यूक्रेन की सहमति के कोई भी वार्ता अस्वीकार्य होगी।
जेलेंस्की का बयान:
“यदि यूक्रेन की संप्रभुता पर कोई वार्ता होती है, तो उसमें हमारी भागीदारी अनिवार्य है। अन्यथा, यह वार्ता केवल एक राजनीतिक ड्रामा होगा।”
अमेरिका-रूस के अलग-अलग उद्देश्य
अमेरिका का उद्देश्य:
- अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह बैठक केवल यह जांचने के लिए है कि रूस युद्ध समाप्त करने को लेकर कितना गंभीर है।
- अमेरिका चाहता है कि रूस मानवीय सहायता को लेकर रियायत दे और संघर्षविराम के लिए बातचीत करे।
रूस का उद्देश्य:
- रूस का कहना है कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अमेरिका के साथ संबंधों को सामान्य बनाना है।
- रूस चाहता है कि पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को कम किया जाए और कूटनीतिक बातचीत का रास्ता खोला जाए।
यूरोपीय नेताओं की नाराजगी, पेरिस में आपात बैठक
रूस-अमेरिका वार्ता से यूरोपीय नेता भी चिंतित और नाराज हैं। यूरोप के कई देश यूक्रेन संकट के समाधान में प्रमुख भूमिका निभाना चाहते हैं, लेकिन इस बैठक में उन्हें भी नजरअंदाज किया गया।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर ने कहा कि यूक्रेन में ब्रिटिश सैनिक भेजने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन अन्य यूरोपीय देश इस पर सहमत नहीं दिखे।
फ्रांस, जर्मनी और अन्य यूरोपीय देशों ने इस बैठक में शामिल न किए जाने को लेकर असंतोष जताया।
यूक्रेन युद्ध के तीन साल पूरे होने वाले हैं
अगले सप्ताह रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन साल पूरे हो जाएंगे। वर्तमान में रूस का पूर्वी डोनबास क्षेत्र के बड़े हिस्से पर नियंत्रण बना हुआ है।
हाल ही में रूसी सेना ने कुराखोव शहर पर कब्जा किया।
रूसी सेनाएं अब उत्तर-पूर्व की ओर पोक्रोवस्क शहर की तरफ बढ़ रही हैं।
पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को लगातार हथियार और सहायता मिलने के बावजूद, रूस की सैन्य पकड़ मजबूत हो रही है।
रूस और अमेरिका की वार्ता सऊदी अरब में हो रही है, लेकिन इसमें यूक्रेन को शामिल नहीं किया गया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की इस वार्ता को खारिज कर चुके हैं और किसी भी फैसले को मानने से इनकार किया है।
यूरोपीय देशों को इस बैठक से अलग रखने पर असंतोष बढ़ा है, पेरिस में आपात बैठक बुलाई गई।
यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई जारी है, डोनबास क्षेत्र में रूस की पकड़ मजबूत हो रही है।
