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Wholesale Inflation October 2024: अक्टूबर में WPI 4 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, रिटेल महंगाई ने भी दिया झटका

अक्टूबर 2024 में थोक महंगाई (Wholesale Price Index – WPI) ने चार महीने का उच्चतम स्तर छू लिया है। इसके साथ ही, रिटेल महंगाई (Retail Inflation) के आंकड़ों ने भी उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। अक्टूबर में रिटेल महंगाई दर 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जो आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ा सकती है।

WPI में वृद्धि
अक्टूबर 2024 में WPI के आंकड़े बताते हैं कि यह चार महीने के सबसे उच्चतम स्तर तक पहुंच गया, जो विशेष रूप से खाद्य और ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुआ है। भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में WPI का आंकड़ा बढ़कर 5.5% तक पहुंच गया, जो कि जुलाई से लेकर अब तक सबसे ज्यादा है। इससे पहले सितंबर में यह आंकड़ा 5.3% था।

रिटेल महंगाई में भी उछाल
इससे पहले रिटेल महंगाई के आंकड़ों ने भी अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दिया था। अक्टूबर 2024 में रिटेल महंगाई दर 7.2% के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जो पिछले 14 महीनों का सबसे अधिक आंकड़ा था। इस वृद्धि का मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी थी, खासकर सब्जियों और फलों की कीमतों में।

खाद्य कीमतों में इजाफा
खासकर प्याज, टमाटर, आलू और अन्य सब्जियों की कीमतों में उछाल देखा गया है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, दूध, अंडे और तेल की कीमतों में भी वृद्धि ने महंगाई को और बढ़ाया है।

अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
महंगाई दर में इस तरह का उछाल अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। बढ़ती हुई महंगाई से ग्राहकों की क्रय शक्ति पर दबाव बढ़ता है और इससे मांग में कमी हो सकती है। इसके अलावा, यह आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) द्वारा उठाए गए कदमों पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि महंगाई दर को नियंत्रित करने के लिए रिजर्व बैंक ब्याज दरों में बदलाव कर सकता है।

सरकार की चिंताएं
महंगाई के इन बढ़ते आंकड़ों ने सरकार और नीति निर्माताओं के लिए चिंता पैदा कर दी है। सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि इसके प्रभाव को अर्थव्यवस्था पर कम किया जा सके।

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